- छह और सात जून को उझानी में पकड़ी गईं थीं चार फर्जी रोडवेज बसें, जेल भेजे गए थे सात लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। उझानी कस्बे में चार फर्जी रोडवेज बसें पकड़े जाने के बावजूद उनकी आवाजाही बंद नहीं हुई है। अब यह फर्जी रोडवेज बसें गुन्नौर से आनंद विहार तक चल रहीं हैं। वहां से रोडवेज बस बताकर यात्रियों को लाया जाता है, फिर गुन्नौर से एक प्राइवेट बस में यात्रियों को ट्रांसफर कर उन्हें बदायूं तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में परिवहन निगम को राजस्व का चूना लगता है।
विगत छह जून को उझानी कोतवाली पुलिस ने तीन फर्जी रोडवेज बसें पकड़ीं थीं। तीन चालक और परिचालक जेल भेजे गए थे। इन बसों का रंग बिल्कुल रोडवेज बसों की तरह था। उन पर साधारण किराया लिखा था और बस के शीशे पर डिपो के नाम की जगह जिले का नाम लिखा था। इसके दूसरे दिन उझानी पुलिस ने एक और बस पकड़ी। उसका चालक भी पकड़ा गया था लेकिन परिचालक भागने में सफल रहा था।
इन फर्जी रोडवेज बसों में बाकायदा परिवहन निगम की तरह मशीन से टिकट काटे जा रहे थे। जब यह चार बसें पकड़ी गईं तब कुछ दिन तक ऐसी बसें बदायूं में दिखाई नहीं दीं। अब बताया जा रहा है कि गुन्नौर से ऐसी ही फर्जी बसे आनंद विहार के लिए चलने लगी हैं। आनंद विहार से यात्रियों को धोखा देकर रोजवेज बसें बताकर यात्रियों को गुन्नौर लाया जाता है और वहां से निजी बस में यात्रियों को शिफ्ट कर बदायूं भेज दिया जाता है।
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यात्री बोला- गुन्नौर आने पर पता चला फर्जी रोडवेज बस में कर रहे थे सफर
दो दिन पहले बदायूं निवासी राकेश कुमार दिल्ली से बदायूं आ रहे थे। उन्होंने आनंद विहार के नजदीक से बस पकड़ी। परिचालक ने 340 रुपये का हाथ से काटकर टिकट दिया, उन्हें गुन्नौर आने पर पता चला कि वह एक फर्जी रोडवेज बस में सफर कर रहे थे। वहां से एक प्राइवेट बस में बैठा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि रास्ते में कहीं भी चेकिंग नहीं हुई।
एआरटीओ से बात की है कि जहां भी ऐसी बसें दिखें, तुरंत उन्हें सीज कर दें। नया मामला गुन्नौर से फर्जी बसों के संचालन का है। गुन्नौर संभल जिले में आता है। वहां के अधिकारियों से बात करेंगे, जिससे इन पर लगाम लगाई जा सके।
- धर्मेंद्र कुमार चौबे, एआरएम, परिवहन निगम