होम्योपैथी के जन्मदाता डॉ. सैमुअल हैनीमैन के चित्र पर माल्यापर्ण करते डॉक्टर भास्कर व चिकित्सा
बदायूं। जिला होम्योपैथिक डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा सिविल लाइंस स्थित एक निजी क्लीनिक में होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन की जयंती विश्व होम्योपैथी दिवस के रूप में मनाई गई।
चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद व्यास ने कहा, आज होम्योपैथी भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई चिकित्सा पद्धति है। लोगों का विश्वास दिन प्रतिदिन होम्योपैथी में बढ़ रहा है। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार गौड़ ने होम्योपैथी को बच्चों के लिए अमृततुल्य बताया। उन्होंने कहा कि निमोनिया रोग में होम्योपैथी के उत्कृष्ट परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
संगठन के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि आजकल फैले चिकनगुनिया रोग में होम्योपैथी से ही सबसे अधिक मरीज ठीक हो रहे हैं। मरीजों पर अपना अनुभव साझा किया। संगठन के सचिव डॉक्टर सुशील गुप्ता ने छोटे बच्चों में बढ़ रहे मिर्गी रोग में होम्योपैथी का सफल प्रयोग किया जा सकता है। डॉ. नंदिनी सिंह ने होम्योपैथिक औषधियां द्वारा महिलाओं के सामान्य प्रसव होने के उदाहरण को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया। बैठक में डाॅ. सुमित गुप्ता, डॉ. कौशल गुप्ता, डॉ. जीके मिश्रा, डॉ. कीर्ति खुराना आदि रहे।