फार्मासिस्ट लाइसेंस अनिवार्य करने के विरोध में बदायूं में दो गुटों के बंटने से दवा की दुकानों की बंदी कामयाब नहीं हो सकी।
बदायूं केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से दुकानें बंद करने का आह्वान किया गया था, जिसकी वजह से कुछ व्यवसाइयों ने दोपहर तक दुकानों को बंद भी किया लेकिन बाद में औषधि विक्रेता संघ की ओर से बाजार बंद करने का विरोध करने पर दुकानें खोल दी गईं। कैमिस्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष जितेंद्र वैश्य ने बताया कि सरकार होलसेल दवाइयों के लिए फार्मासिस्ट का डिप्लोमा अनिवार्य कर रही है इसके विरोध में दुकान बंद करवाई गई थीं, लेकिन दूसरे संगठन के लोगों की ओर से विरोध किए जाने पर दोपहर बाद दुकानें खोलनी पड़ीं।