बदायूं। आवास विकास में आठ साल से 11 पार्क बदहाल पड़े हुए हैं। इस संबंध में जब जिम्मेदारों से पूछा जाता है तब वे बजट की कमी को बता देते हैं। इसका खामियाजा 15 हजार लोगों को भुगतना पड़ रहा है। चुनाव के समय में भी पार्कों की बदहाली का मुद्दा उठा था, लेकिन बाद में जातिगत ध्रुवीकरण हो गया। अब फिर से पार्कों की बदहाली को लेकर लोग सवाल पूछ रहे हैं।
आवास विकास परिषद की ओर से ए और बी ब्लॉक में छोटे-बड़े मिलकर 12 पार्क हैं। इनमें से अधिकांश पार्कों की हालत खराब है। इन पार्क में झूले, बैठने की बैंच तो छोड़िए कई में चहारदीवारी तक नहीं है। इन पार्कों की देखरेख की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद के पास है। ऐसे में आवास विकास के लोगों को सड़क पर मॉर्निंग वॉक के लिए जाना पड़ता है। इससे हादसे की भी आशंका बनी रहती है। देखरेख के अभाव में स्थानीय लोगों ने पार्क को गैराज के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
एमआईजी पार्क कुछ समय पहले कराया है ठीक
-आवास विकास में कुल 12 पार्क है। इनमें सात बड़े पार्क है। इनमें से एमआईजी भी काफी समय से बदहाल पड़ा था। पिछले दिनों आवास विकास परिषद की ओर से इस पार्क को सही कराया गया है। इससे आसपास के लोगों काे काफी राहत मिली।
-काफी वर्षों से पार्क के हालात बेहद खराब हैं। इसको सही कराने के लिए कई बार कहा है। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि पार्क कब ठीक होंगे।
-सीपी सिंह, रिटायर्ड प्रधानाचार्य
आवास विकास के पार्क बदहाल हैं। पार्कों के हालात ये है कि उसमें बैठना तो दूर खड़ा होना मुश्किल हो रहा है। इतनी ज्यादा गंदगी वहां पर फैली हुई है। जाने में बीमार हो सकते हैं।
-केवी गुप्ता, समाजसेवी
-पार्क में सुंदरीकरण का काम होना है। अभी बजट का अभाव है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। जल्द ही पार्कों को ठीक कराया जाएगा। जिससे आवास विकास के लोगों को परेशानी न हो।
-आशीष शर्मा, जेई आवास विकास परिषद।
आवास विकास में टूटी पड़ी पार्क की चहारदीवारी। संवाद