केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह केवल एक नेता नहीं, बल्कि जननायक थे। हर वर्ष की तरह इस बार भी उनकी स्मृति में विशाल आयोजन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की जयंती के अवसर पर बदायूं में पांच जनवरी को एपीएस इंटरनेशनल स्कूल उझानी के मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों के बारे में रविवार को केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी बाबूजी (कल्याण सिंह) की स्मृति में विशाल आयोजन किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रदेश से हजारों लोग शामिल होंगे।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह केवल एक नेता नहीं, बल्कि जननायक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज, संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। बाबूजी ने राम मंदिर का जो सपना देखा था, उसे साकार होते हुए भी देखा, यह उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। समाज और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा कल्याण सिंह का नाम
बीएल वर्मा ने कहा कि 464 वर्ष पुराना ढांचा, जो हिंदुस्तान की छाती पर एक कलंक के रूप में खड़ा था, उस कलंक को मिटाने का ऐतिहासिक कार्य कल्याण सिंह ने किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब-जब राम मंदिर और अयोध्या का नाम लिया जाएगा, तब-तब कल्याण सिंह का नाम श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और किसी भी दबाव के आगे झुके बिना अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है और यही कारण है कि उनकी जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को याद करने का अवसर है।