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भैसोर नदी को निगल गया चकबंदी विभाग

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कादरचौक। शासन तालाब, नदी और झील की जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का प्रयास कर रहा है, उन्हीं निर्देशों के क्रम में प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार काम कर रहे हैं, ताकि किसी तालाब, झील और नदी पर लोगों का कब्जा न रहे, लेकिन इस सबके बीच चकबंदी विभाग ने एक ऐसा काम कर दिया जो सारे सिस्टम पर ही सवाल खड़ा कर रहा है। शासन के सख्त निर्देश के बावजूद चकबंदी विभाग ने खुद ही भैंसोर नदी की जमीन पर कब्जा करा दिया। जून माह में चकबंदी विभाग की तरफ से चक काटकर चकबंदी की प्रक्रिया पूर्ण की गई थी। उस दौरान उसने भैंसोर नदी की भूमि पर भी चक काट दिए और ग्रामीणों को दे दिए। अब ग्रामीणों द्वारा भैंसोर नदी की जमीन पर खेती की जा रही है।
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संभल से निकलकर फर्रूखाबाद तक जाने वाली भैंसोर नदी मुरादाबाद खंड सिंचाई परियोजना के तहत आती है। इस नदी की निर्मल धारा लगातार बहती रहे, इसके लिए चंदौसी, बहजोई, बिलारी, बिल्सी, उझानी, भदरौल, कादरचौक क्षेत्र में कई स्थानों पर पुल भी बने हुए हैं। इस नदी का एक बड़ा हिस्सा कादरचौक इलाके से होकर गुजरता है। वहीं कादरचौक के भदरौल में जहां से भैंसोर नदी निकलती है, वहां पर 1999 में तत्कालीन लोकनिर्माण विभाग मंत्री कलराज मिश्र और पूर्व शहर विधायक प्रेमस्वरूप पाठक द्वारा पुल का लोकार्पण किया गया था। इसके बाद चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने भदरौल में भैंसोर नदी की जमीन पर किसानों को चक काटकर देना शुरू कर दिए, जिस पर आज बड़ी संख्या में किसान खेती कर रहे हैं। ऐसे में भदरौल में भैंसोर नदी का नामोनिशान मिट चुका है। जबकि इस नदी की जमीन पर कब्जा होने से पूर्व नदी में बरसात के दिनों मे पानी अनवरत चलता रहता था।
आरटीआई से ली नदी की जानकारी
-उझानी निवासी आसिम उमर ने नदी की जानकारी आरटीआई के माध्यम से विभाग से ली, जिसमें उन्हें बताया गया कि नदी संभल से फर्रूखाबाद तक है, जो खंड सिंचाई परियोजना मुरादाबाद के अंतर्गत आती है। विभाग ने ये भी बताया कि जिले में इसकी खुदाई भी हुई है।
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भैंसोर नदी पर लोगों ने पुल बनवाने की मांग की थी, जिसके बाद में सन 1999 में भदरौल में भैंसोर नदी पर पुल बनाया गया था, लेकिन अब भैंसोर नदी की जमीन पर चक काट दिया। जो गलत है।
-गंगा सिंह चौहान
भैंसोर नदी की जमीन पर जो कब्जा हुआ है। उसे मुक्त कराया जाए, ताकि आने वाले दिनों में फिर इस नदी में पानी की अविरल धारा बह सके।
-राशिद
सरकारी विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की कारस्तानी नए-नए गुल खिलाती रहती है। इस बार चकबंदी विभाग ने खुद ही भैंसोर नदी पर कब्जा कर दिया है।
-संजीव पाठक
नदी से हर हाल में कब्जा हटना चाहिए। कुछ अधिकारी, कर्मचारी अपनी जेब गरम करने के चक्कर में हजारों किसानों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जो सही नहीं है।
-सेवाराम कश्यप
नदी की जमीन पर चक काटने का ये मामला मेरी जानकारी में नहीं है। संबंधित कर्मचारियों से इसके बारे जानकारी करूंगा। उसके बाद में ही इसके बारे में कुछ बता सकता हूं।
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-आरके कटियार, सीओ चकबंदी
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