सैदपुर। बगरैन उपकेंद्र से संचालित सैदपुर कृषि फीडर की बिजली आपूर्ति पिछले एक सप्ताह से ठप पड़ी है। तेज आंधी-बारिश में कई बिजली के खंभे टूटकर सड़क किनारे पड़े हुए हैं, लेकिन विद्युत विभाग ने अभी तक मरम्मत या आपूर्ति बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे नगर समेत दस गांवों की करीब पांच हजार बीघा मक्का और अन्य खरीफ फसलें सूखने की कगार पर हैं।
कतगांव, मनवा, शेरंदाजपुर, गौटिया, सहावर, मालिन गौटिया, सरौरी, उरैना और सैदपुर नगर सहित लगभग दस गांवों की करीब पांच हजार बीघा फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे करीब एक लाख आबादी के पांच सौ से सात सौ किसान प्रभावित हो रहे हैं। किसान परवेज़ अली और शरिक अली खान ने बताया कि आंधी-बारिश के बाद से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिसे एक सप्ताह बाद भी सुचारु नहीं किया गया है। उनकी सौ बीघा मक्का की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने की संभावना है। विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।
वजीरगंज ब्लॉक पर तैनात कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने चेतावनी दी है कि मक्का और अन्य खरीफ फसलें सिंचाई के अभाव में जल्द ही झुलस सकती हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी। यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई तो दाना बनने की प्रक्रिया बंद होने से उत्पादन 50 फीसदी कम हो जाएगा। पिछैती मक्का फसलें पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं।