यह खबर उन बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले वक्त में खराब हो सकती है जो एक किलोवाट का कनेक्शन लेकर दो या उससे अधिक किलावाट बिजली उपयोग कर रहे हैं। विभाग ऐसे उपभोक्ताओं की सूची बना रहा है। यदि ऐसे उपभोक्ता स्वयं लोड नहीं बढ़वाते हैं तो विभाग उनके घर में लगे सभी तरह के बिजली उपकरणों के स्विच को गिनकर स्वत: लोड बढ़ा देगा। साथ ही उनसे पूर्व में उपयोग में की गई बिजली का जुर्माना भी वसूला जाएगा। जाहिर है कि शहरी क्षेत्र में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या कई हजार में होगी। बिजली चोरी रोकने को शासन समय-समय पर आदेश जारी करता है। चूंकि शासन की प्राथमिकता हर उपभोक्ता को 24 घंटे सप्लाई देने का है सो विभाग हर तरह के प्रयास कर रहा है। मगर विभाग को समस्या आती है कि जितनी क्षमता के ट्रांसफार्मर यहां पर लगे हैं उससे कही ज्यादा उपभोक्ता बिजली का प्रयोग कर रहे हैं। सवाल सीधा है कि ज्यादातर उपभोक्ता ऐसे ही हैं जिन्होंने सिर्फ नाम के लिए कनेक्शन लिया है। कनेक्शन एक किलोवाट का है लेकिन इस्तेमाल उससे कहीं ज्यादा करते हैं। दरअसल यह खेल बिजली विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर खेला जाता है इसलिए ऐसे उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत भी नहीं आती है। जब स्थानीय बिजली अफसरों द्वारा बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया जाता है तो ऐसे उपभोक्ताओं को वहीं कर्मचारी पहले से सूचित कर देते हैं सो वे घर पर ताला लगाकर कहीं निकल जाते हैं। जब तक क्षेत्र में इस तरह का अभियान चलता रहता है तब तक उनका घर पर ताला लगा रहता है। विभाग की नीति उनके लिए घातक हो सकती है।