दहगवां। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की फर्जी चेकिंग टीम को बिजली बकायेदार भुगतान करके फंस गए हैं। इसमें एक दर्जन से ज्यादा लोग इसके शिकार हुए हैं। इतना ही नहीं टीम ने वसूली के बदले बकायेदारों को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की रसीद भी दी थीं। करीब एक साल बाद जब उनको पता लगा कि ठगी हुई है तो अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
इस्लामनगर कस्बे का एक युवक करीब दो साल पहले तक पावर कॉरपोरेशन में दहगवां सब स्टेशन पर संविदा पर नौकरी करता था। शिकायतों के चलते उसको नौकरी से हटा दिया गया था। इसके बाद भी वह लोगों से ठगी करता रहा। करीब एक साल पहले वह गाड़ी से चार-पांच अन्य लोगों के साथ कस्बे में पहुंचा। इनमें एक महिला भी थी। पावर कॉरपोरेशन की यह फर्जी टीम बकायेदारों की चेकिंग करने लगी। करीब एक दर्जन लोगों ने झांसे में आकर रियायत का लाभ लेने के लिए मौके पर ही इस फर्जी टीम को भुगतान कर दिया। इसके बाद भी लोगों के बिल में पुरानी रकम जुड़कर आती रही। कस्बे के नसरुद्दीन पर भी 87888 रुपये का बकाया था। उसने भी भुगतान कर दिया। कई दिन से अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद नसरुद्दीन को अब समझ में आया है कि उसके साथ ठगी हुई है। शनिवार को उसने एसडीओ सहसवान सतेंद्र कुमार से शिकायत की। उसका कहना है कि कस्बे में एक दर्जन से ज्यादा लोगों से ठगी हुई है। एसडीओ का कहना है जिस युवक की शिकायत की जा रही है वह पावर कॉरपोरेशन में काम नहीं करता है। रही बात वसूली के बदले रसीदें दिये जाने का तो इसकी जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर पावर कॉरपोरेशन के नाम पर वसूली करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।