मतदान के प्रत्येक चरण में चेतावनी जारी होती रहीं कि किसी असामाजिक तत्व, गड़बड़ी करने वालों तथा मतदान प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करने वालों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। चुनाव की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए पैरा मिलेट्री फोर्स के साथ ही अन्य जिलों से फोर्स भी बुलवाकर लगाया गया। यही वजह रही छिटपुट वारदातों के अलावा अभी तक मतदान केेंद्र और बूथ बचे रहे। ऐसा नहीं बूथों पर कोई विवाद न हुआ हो, विवाद हुए लेकिन फोर्स की मौजूदगी ने विवादों को बड़ा रूप नहीं लेने दिया।
मतदान केंद्र की सुरक्षा का आलम यह रहा कि केंद्रों के समीपवर्ती निजी भवनों की सघन चेकिंग भी की गई। भवन स्वामियों को नोटिस देकर चेताया गया कि मतदान के दिन घर वालों के अलावा अन्य किसी को उन भवनों में नहीं रुकने दिया जाएगा। बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग भी की गई।
बैठकें कर डीएम शंभूनाथ ने सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया और पंचायत सामान्य निर्वाचन के समस्त जोनल तथा सेक्टर मजिस्ट्रेटों को आयोग के मंतव्य का बार-बार याद दिलाया। जिलाधिकारी ने चेताया था कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट निरंतर भ्रमणशील रहें। जातिगत, सांप्रदायिक आकलन कर व्यवस्था संभालें और ग्रामीणों और चुनाव अभिकर्ताओं पर विशेष नजर रखें।
मोबाइल फोन और तरल पदार्थों पर रही कड़ी नजर
बदायूं। चुनाव में लगे अधिकारियों तथा कर्मचारियों के अलावा मतदान और मतगणना के दिन किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन और तरल पदार्थ ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। ब्लाकों में ही रात्रि विश्राम करने और प्रात: छह बजे निकल कर मतदान शुरू होने से पूर्व अपने-अपने सेक्टर की स्थिति को पूरी तरह भांप लेने के निर्देश भी काम में आए।