भाजपा और बसपा ने अपने लिए पहले ही ब्लाक प्रमुख पद पर चुनाव मैदान से बाहर कर लिया था। सपा ने जिले के सभी 15 ब्लाकों में प्रत्याशी उतारे थे। इनमें 11 ब्लाकों में सपा प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए। सबसे कम उम्र के ब्लाक प्रमुख कादरचौक में कौशल वर्मा बने हैं। कौशल की उम्र करीब 28 वर्ष है। वह स्नातक हैं। इस्लामनगर के ब्लाक प्रमुख दिनेश यादव भी युवा हैं। इनकी उम्र करीब 29 साल है। हालांकि शिक्षा के मामले में यह पिछड़े हुए हैं। जिले के नौ ब्लाकों में महिलाओं के सिर ताज सजा है। गौर करने वाली बात यह हैं कि जितने भी ब्लाक प्रमुख बने हैं सभी का राजनीति में दखल है।
ब्लाक कादरचौक-1
यहां से कौशल वर्मा निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने गए हैं। कौशल की उम्र करीब 28 साल है। वह स्नात्कोत्तर हैं। राजनीतिक पृष्ठ भूमि पर गौर करें तो उनके भाई दिनेश उर्फ धारा जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। इस परिवार के सपा जिलाध्यक्ष बनवारी सिंह यादव ने नजदीकियां हैं।
ब्लाक सहसवान-2
सहसवान से निर्विरोध निर्वाचित ब्लाक प्रमुख नेमसिंह यादव की एक राज्यमंत्री से नजदीकियां हैं। लंबे समय तक भूमि विकास बैंक के चेयरमैन रहे नेम सिंह यादव का बेटा राहुल यादव पिछले 10 साल से जिला पंचायत सदस्य है। इस परिवार का भी राजनीति में अच्छा दखल है।
ब्लाक समरेर-3
समरेर से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुईं शशी प्रभा यादव भी युवा होने के साथ स्नात्कोत्तर हैं। उनके पति अवनीश यादव ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। शशी प्रभा के ससुर प्रेमपाल सिंह यादव दातागंज के पूर्व विधायक हैं। इस परिवार का भी राजनीति में अच्छा दखल है।
ब्लाक आसफपुर-4
आसफपुर से निर्विरोध निर्वाचित ब्लाक प्रमुख प्रेमवती यादव शिक्षा के मामले में कुछ पीछे हैं। इनका ताल्लुक भी राजनीतिक घराने से है। ब्लाक प्रमुख के पति प्रेम सिंह यादव सपा जिलाध्यक्ष बनवारी सिंह यादव के छोटे भाई हैं। इनका जोर भी क्षेत्र के विकास पर है।
ब्लाक दातागंज-5
दातागंज से निर्वाचित ब्लाक प्रमुख कालीचरन का भी इलाके की राजनीति में अच्छा दखल है। कालीचरन के परिवार का ब्लाक प्रमुख पद पर करीब 20 साल से कब्जा है। इस परिवार की सपा के कई नेताओं से नजदीकियां हैं। इस बार भी इस परिवार को इसका लाभ मिला।
ब्लाक दहगवां-6
दहगवां से निर्विरोध निर्वाचित ब्लाक प्रमुख सतीश यादव युवा होने के साथ शिक्षित भी हैं। सतीश यादव के ताऊ ओमकार सिंह यादव राज्य मंत्री ग्राम्य विकास हैं और तहेरे भाई ब्रजेश यादव भूमि विकास बैंक के चेयरमैन हैं। इस परिवार का भी राजनीति में दखल है।
ब्लाक जगत-7
ब्लाक जगत से निर्वाचित ब्लाक प्रमुख सुनीता देवी के पति देवेंद्र सिंह ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। इस परिवार की भी एक राज्यमंत्री और उनके विधायक पुत्र से नजदीकियां हैं। इलाके में देवेंद्र सिंह का अच्छा रानीतिक दखल है। सुनीता देवी भी युवा होने के साथ शिक्षित हैं।
ब्लाक अंबियापुर-8
अंबियापुर से निर्विरोध निर्वाचित ब्लाक प्रमुख विजेता यादव के पति सर्वेश यादव का राजनीति में दखल है। सर्वेश यादव ग्राम प्रधान होने के साथ सांसद धर्मेंद्र यादव के नजदीकियों में शुमार हैं। विजेता यादव भी युवा होने के साथ शिक्षित हैं। इनकी प्राथमिकता क्षेत्र का विकास है।
ब्लाक उसावां-9
उसावां से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बने राजेश गुप्ता भी शिक्षित हैं। सपा जिलाध्यक्ष और विधायक आशीष यादव से इनकी नजदीकी है। राजनीतिक पृष्ठ भूमि की बात करें तो कई साल से गांव की प्रधानी राजेश गुप्ता के घर में है। उनकी पत्नी भी ग्राम प्रधान रह चुकी हैं।
ब्लाक म्याऊं-10
यहां से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुनी गईं संगीता यादव के पति सुनील यादव भी बीडीसी सदस्य हैं। संगीता के भाई अशोक प्रधान लंबे समय से प्रधान चुने जाते रहे हैं। इस परिवार की भी राजनीति में अच्छी पकड़ है। एक राज्यमंत्री से सुनील यादव की नजदीकियां हैं।
ब्लाक बिसौली-11
बिसौली से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुनी गईं श्रीवती यादव के पति रामवीर सिंह यादव पेशे से वकील हैं। इस परिवार के पास पहले भी ब्लाक प्रमुखी रह चुकी है। क्षेत्रीय विधायक के साथ रामवीर यादव की सपा जिलाध्यक्ष से भी नजदीकियां हैं। इसका लाभ उनका मिला है।
ब्लाक इस्लामनगर-12
यहां से दिनेश यादव ब्लाक प्रमुख चुने गए हैं। दिनेश यादव की उम्र भी करीब 29 साल है। दिनेश यादव के पिता सुरेश यादव ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। शिक्षा के मामले में दिनेश यादव पिछड़े हुए हैं। हालांकि दिनेश वर्मा, उनके पिता और एक भाई पर हत्या का आरोप है।
ब्लाक सालारपुर-13
कड़े मुकाबले के बाद सालारपुर से ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुईं गेंदा देवी के पति मनीराम की क्षेत्रीय विधायक से नजदीकियां किसी से छिपी हुई नहीं हैं। इस सीट से कई दाबेदार थे, लेकिन क्षेत्रीय विधायक का साथ गेंदा देवी को मिला। गेंदा देवी पहली बार ब्लाक प्रमुख चुनी गई हैं।
ब्लाक उझानी-14
उझानी ब्लाक से पूर्व ब्लाक प्रमुख कृष्णपाल सिंह की पत्नी रत्नेश यादव ने अपने प्रतिद्वंदी हरवंश पहलवार को सात वोट से हराकर जीत दर्ज की। कृष्णपाल यादव का राजनीति में अच्छा दखल है। रत्नेश यादव भी पहले उझानी की ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं।
ब्लाक वजीरगंज-15
चुनाव के बाद वजीरगंज से सुमिता वार्ष्णेय ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुई हैं। राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके पति ठेकेदारी करते हैं। इसी वजह से इस परिवार की कुछ राजनेताओं से नजदीकियां हैं। इसी का लाभ सुमिता वाष्र्णेय को मिला है।