बदायूं। नाम वापसी के बाद 31 जनवरी से चुनाव प्रचार शुरू हो गया था। शुक्रवार को चुनाव प्रचार खत्म होने तक प्रत्याशी और उनके समर्थक गली-मोहल्लों में जनसंपर्क में जुटे रहे। इस दौरान चुनावी माहौल अपने पक्ष में करने के लिए पार्टियों के बड़े नेता भी आए, लेकिन गली मोहल्लों में अब तक चुनाव का माहौल ज्यादा गर्म नहीं हुआ था। मतदान से एक दिन पहले यहां भी चुनावी माहौल बन गया।
गली-मोहल्लों में रविवार को प्रत्याशियों की अच्छाई और बुराई पर चर्चा होती रही। कोई अपने प्रत्याशी और अपनी पार्टी की तारीफ कर रहा था तो कोई दूसरों का विरोध में लगा था। नुक्कड़, चाय और पान की दुकानों पर भी लोग एक दूसरे से पूछते नजर आए कि किसे वोट दे रहे हो। किसी ने अपने प्रत्याशी का नाम बता दिया तो किसी ने कह दिया कि कोई ढंग का प्रत्याशी नहीं है, लेकिन वोट तो वह पार्टी के लिए देंगे ही। ज्यादातर लोगों का जोर प्रत्याशी के स्थान पर पार्टी को वोट देने पर रहा। गांवों की चौपालों पर भी चुनाव और प्रत्याशी को लेकर चर्चा होती रहीं। प्रत्याशियों के समर्थक इस दौरान नुक्कड़ की दुकानों, पान और चाय की दुकानों पर खड़े होकर मतदाताओं का मूड जानने की कोशिश करते रहे। संवाद