कछला में श्रद्धालु महिला की मौत के बाद जानकारी देते परिजन। संवाद
उझानी। माघ पूर्णिमा पर बेटे और पड़ोसी महिला के साथ ट्रेन से कछला स्टेशन पर पहुंच जाने के बाद भी बुजुर्ग पुष्पा का गंगा में डुबकी लगाने का अरमान पूरा नहीं हो पाया। स्टेशन से घाट की ओर कदम बढ़ाते ही उनकी सांस फूल गई। परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
पुष्पा (60) बदायूं में मीराजी चौकी क्षेत्र की निवासी थीं। बड़े बेटे बबलू और पड़ोस की शीला के साथ वह ट्रेन से पूर्वाह्न में कछला रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं। ट्रेन से उतरकर वह घाट की ओर दो-चार कदम ही चल पाईं कि हांफने लग गईं। बबलू और शीला कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं।
परिवार के लोग बेहोशी की हालत में उन्हें एंबुलेंस से लेकर यहां अस्पताल आए। चिकित्सक ने देखते ही उन्हें पहले से मृत घोषित कर दिया। बेटे बबलू ने बताया कि मां पुष्पा दमा रोग से पीड़ित थीं। उनका इलाज चल रहा था। उनकी पहले भी हालत खराब हो चुकी थी, लेकिन पिछले महीने से सेहत में कुछ सुधार महसूस हो रहा था। पुलिस कर्मियों के अस्पताल पहुंचने पर बेटे समेत परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इंकार कर दिया।
बेहोश होने पर भी नहीं छोड़ा पड़ोसन का हाथ
मृतका पुष्पा के बेटे बबलू ने बताया कि मां ने दो-तीन दिन पहले ही कहा था कि माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करना है। चूंकि, उनकी हालत ठीक नहीं रहती थी, सो सुविधा के लिहाज से वह भी उनके साथ चल दिए। पुष्पा का पड़ोसन शीला पत्नी स्व. नत्थूलाल से काफी लगाव था। ट्रेन से उतरते ही पुष्पा ने शीला का हाथ पकड़ लिया। अंतिम समय में भी वह शीला का हाथ पकड़े रहीं। यह बताते हुए शीला की आंखें भी नम हो गईं।