बदायूं। जिले में लंपी वायरस (लंपी स्किन डिजीज)) का खतरा बढ़ रहा है। विभाग जिले में 70 हजार गोवंशों को लंपी वायरस का टीका लगाने का दावा कर रहा है, जबकि कई गांव में पशु इस रोग से ग्रस्त हैं। लोग खुद अपने खर्चे पर पशुओं का इलाज करा रहे हैं। वहीं, विभाग जिले में एक भी पशु को लंपी वायरस से पीड़ित नहीं मान रहा।
इस्लामनगर, दातागंज और जगत ब्लॉक के कई गांवों के पशुपालकों ने बताया कि पशुपालन विभाग की टीम उनके गांव में नहीं आई है। पशुपालकों ने बताया कि सहसवान विकास खंड के गांव मेवली रघुनाथपुर, इस्लामनगर ब्लॉक के करियामई में गोवंश में लंपी वायरस के लक्षण मिलने की चर्चा है। ग्रामीणों के अनुसार, गोवंश के शरीर पर गांठें निकल आई हैं, लेकिन विभाग इसे छिपाने में जुटा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पीड़ित गोवंश के इलाज के लिए पशु मित्र पहुंचे, लेकिन पशु चिकित्साधिकारी ने पहुंचकर गांव की स्थिति को नहीं देखा। आरोप है कि आसपास के गांवों में टीकाकरण भी नहीं कराया गया। पशुपालकों का कहना है कि अगर जल्द टीकाकरण नहीं हुआ तो लंपी वायरस तेजी से फैल सकता है। पिछले साल भी सैकड़ों गोवंशों की मौत हो चुकी है। पशुपालकों ने इस मामले में शासन से जांच कराने की मांग की है।
हमारे गांव में लंपी का एक भी टीकाकरण पशुपालन विभाग की ओर से नहीं किया गया। हम सभी पशुपालक लंपी के प्रकोप से भयभीत हैं। - टोड़ी राम, निवासी सराय सावन
हमारे गांव में लंपी बीमारी चपेट में कई गोवंश आ चुके हैं। हमारी गाय भी लंपी की चपेट में है। विभाग की ओर से न तो टीकाकरण किया जा रहा है न ही पशुओं का इलाज किया जा रहा है, पशुपालक खुद ही पशुओं का इलाज करा रहे हैं। - चौधरी तेजपाल सिंह, निवासी मेवली
गांव में लंपी वायरस का एक भी टीकाकरण नहीं किया गया है। स्थिति यह है कि हमारी गाय समेत कई पशुपालकों के गोवंश लंपी वायरस की चपेट में हैं। कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। - शेर सिंह, रघुनाथपुर
हमारे गांव में गोवंश बीमार हो रहे हैं। विभाग की ओर से गांव में एक भी टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। बीमारी फैल गई तो हम पशुपालकों को काफी नुकसान होगा। - उदयवीर सिंह, दम्मीनगर
लंपी वायरस के गोवंश के मिलने पर टीम को गांव में जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि उनमें लंपी वायरस है या नहीं। - प्रेम सिंह कोहली, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
टोड़ी राम, निवासी सराय सावन
टोड़ी राम, निवासी सराय सावन
टोड़ी राम, निवासी सराय सावन