वजीरगंज में हार्ट अटैक आने पर सीपीआर देते एक चिकित्सक। संवाद
वजीरगंज। कस्बा के स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहे होली चौक निवासी बुजुर्ग सत्यदेव को हार्टअटैक आ गया। वह वहीं जमीन पर गिर गए। लोगों ने पास के ही एक निजी चिकित्सक को बुला लिया। उन्होंने तत्काल भीड़ को पीछे कर बुजुर्ग को सीपीआर दी, जिससे उनकी जान बच गई। सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें ई-रिक्शा से अस्पताल ले गए। एंबुलेंस सूचना देने के आधे घंटे बाद पहुंची। एंबुलेंस के देरी से पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई।
लोगों ने बताया कि वह सड़क किनारे बस के इंतजार में खड़े थे। अचानक बुजुर्ग के सीने में तेज दर्द हुआ। वह सीने पर हाथ मलते हुए जमीन पर गिर पड़े। लोग समझ गए कि उन्हें हार्टअटैक आया है। उसी समय कोई स्थानीय चिकित्सक को बुला लाया। चिकित्सक ने सीने पर पंपिंग (सीपीआर) देकर बुजुर्ग की जान बचाई।
समय रहते प्राथमिक उपचार मिलने से उनकी सांसें दोबारा से चलने लगीं। लोगों ने तुरंत एंबुलेंस सेवा 112 और 108 पर फोन किया, लेकिन आधे घंटे तक कोई भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। एंंबुलेंस के विलंब से पहुंचने पर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। तब तक बुजुर्ग के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और एक ई-रिक्शा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र लोगों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुस्ती को लेकर नाराजगी देखी गई।