30 मार्च के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
बदायूं। जिले के राजकीय हाईस्कूल विद्यालयों में शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस समस्या को अमर उजाला ने उठाया तो शासन ने संज्ञान में लिया। अब जिले को छह प्रधानाचार्य मिल गए हैं। वही, दो शिक्षकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति दी गई है। इससे शिक्षा व्यवस्था में कुछ सुधार होगा।
जिले में 21 राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। अधिकांश स्कूलों में प्रधानाचार्य तैनात नहीं थे। अमर उजाला ने 30 मार्च के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया तो शासन ने संज्ञान में लिया। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए शासन ने आठ अध्यापकों को प्रोन्नत कर प्रधानाचार्य बनाया है। उनको स्कूलों में जल्द तैनाती मिलेगी। जीजीआईसी में तैनात प्रवक्ता शचि गुप्ता को प्रोन्नत करके गुरुगांव राजकीय हाईस्कूल का प्रधानाचार्य बनाया गया है। जीआईसी में तैनात सुनीत कुमार को राजकीय हाईस्कूल जगत का प्रधानाचार्य बनाया गया है। अमरोहा से आईं विनीता को दहेमू, जगवती को पपगांव, बुलंदशहर से आई मधुबाला को नौली हरनाथपुर, फिरोजाबाद से आई अर्चना रानी मौर्य को भुंडी, उपासना सिंह को मनसा नगला व रामपुर से आईं ममता रानी को मामूरगंज के राजकीय हाईस्कूल में प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति दी गई है।
कोट
- राजकीय स्कूलों में पढ़ा रहे अध्यापकों को पदोन्नत कर प्रधानाचार्य बनाया गया है। जिले में आठ राजकीय हाई स्कूलों को प्रधानाचार्य मिल गए हैं। दो जिले के ही हैं, जबकि छह बाहर के जिलों से आए हैं। अभी मात्र तीन ने ही कार्यभार ग्रहण किया है। जल्द ही सभी को स्कूलों में तैनाती दे दी जाएगी।
-डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस