बदायूं। शहर के राजकीय डिग्री कॉलेज में अर्थशास्त्र विषय का शिक्षक पद पिछले 10 साल से खाली है। लंबे समय से पद रिक्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना 2004 में हुई थी। वर्तमान में, कला, विज्ञान और वाणिज्य के तीन संकाय हैं जिनमें करीब 2500 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विज्ञान संकाय में प्राणि विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी और गणित में स्नातक कार्यक्रम हैं। कला संकाय में राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, हिंदी, उर्दू, इतिहास और शारीरिक शिक्षा में स्नातक कार्यक्रम और अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, उर्दू और इतिहास में स्नातकोत्तर कार्यक्रम हैं। वाणिज्य संकाय में स्नातक और स्नातकोत्तर हैं। लगभग सभी विषय के एक से दो शिक्षक कॉलेज में तैनात हैं लेकिन 2016 में अर्थशास्त्र से शिक्षक डॉ. दिनेश कुमार का स्थानांतरण हो गया था। तब से अब तक यह पद खाली है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को बिना शिक्षक पढ़ाई करना केवल औपचारिकता है। कई छात्र बाहर कोचिंग सेंटरों का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं जिससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
2024 में आईं शिक्षिका भी लौटीं
बदायूं। वर्ष 2024 में बरेली के वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में तैनात डॉ. नेहा गुप्ता का स्थानांतरण राजकीय डिग्री कॉलेज बदायूं में कर दिया था। छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि अब पढ़ाई व्यवस्थित हो जाएगी। कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ तो छात्र-छात्राओं को राहत महसूस हुई लेकिन कुछ ही समय बाद शिक्षिका पुनः बरेली संबद्धीकरण पर लौट गईं। उनके जाने के बाद से कॉलेज में अर्थशास्त्र का पद फिर से रिक्त हो गया और छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
सभी विषयों के प्राध्यापक तैनात हैं। अर्थशास्त्र में काफी समय से पद खाली है। बरेली से एक प्राध्यापक आईं थीं। बाद में वह वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में संबद्ध हो गईं। व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से वह छात्र-छात्राओं से जुड़ी हुई हैं और जानकारी मुहैया कराती हैं।
-डॉ. श्रद्धा गुप्ता, राजकीय डिग्री कॉलेज बदायूं