बदायूं। आईसीएसई की 10 वीं कक्षा का रिजल्ट रविवार शाम को घोषित कर दिया गया। इसमें डी पॉल स्कूल के मुक्तसिद अहमद व मुस्कान रस्तोगी ने 98-98 प्रतिशत अंक प्राप्त करके संयुक्त रूप से जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा 97.8 प्रतिशत अंक पाकर इसी स्कूल की आयशा रईस दूसरे और 97.4 प्रतिशत अंक पाकर नितनेम कौर जुनेजा तीसरे स्थान पर रहीं।
आईसीएसई के छात्र-छात्राएं रिजल्ट आने का काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे। रविवार शाम पांच बजे बोर्ड ने 10 वीं का रिजल्ट जारी कर दिया। यहां बता दें कि जिले में डी पॉल एकमात्र आईसीएसई का स्कूल है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार 10 वीं में मुक्तसिद अहमद खान और मुस्कान रस्तोगी ने बराबर-बराबर नंबर अर्जित किए। दोनों 98-98 प्रतिशत अंक पाकर संयुक्त रूप से जिला टॉपर बने। दूसरे स्थान पर आयशा रईस रहीं, उन्होंने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि जिले में तीसरा स्थान हासिल करने वाली नितनेम कौर जुनेजा ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके अलावा आदित्य कुमार ने 96 प्रतिशत अंक के साथ चौथा, सारा माहेश्वरी ने 95.8 अंक के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। स्कूल के प्रधानाचार्य फादर सिवि कुरियन ने बताया कि छात्र-छात्राओं की मेहनत का नतीजा है जो आज उन्होंने इतने अच्छे नंबर अर्जित किए। शिक्षकों ने भी मन लगाकार छात्र-छात्राओं को शिक्षा दी।
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टॉप टेन
1. मुक्तसिद अहमद खान- 98 प्रतिशत
1. मुस्कान रस्तोगी- 98 प्रतिशत
2. आयशा रईस- 97.8 प्रतिशत
3. नितनेम कौर जुनेजा- 97.4 प्रतिशत
4. आदित्य कुमार- 96 प्रतिशत
5. सारा माहेश्वरी- 95.8 प्रतिशत
6. कुशाग्र दीक्षित- 95.4 प्रतिशत
7. रिद्घि वार्ष्णेय- 95.2 प्रतिशत
8. ध्रुव सिंह- 94.8 प्रतिशत
9. सिद्घि वार्ष्णेय- 94.6 प्रतिशत
10. अदिति सक्सेना- 94.4 प्रतिशत
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स्कूल का शत प्रतिशत रहा रिजल्ट
आईसीएसई का जिले में एकमात्र स्कूल डी पॉल है। यहां पर 10 वीं में 140 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। स्कूल के प्रबंधक फादर जोसेफ ने बताया कि सभी पंजीकृत छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे और सभी पास हुए हैं। ऐसे में स्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा है।
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टॉप टेन में शामिल हुई जुड़वा बहनें
डीपॉल स्कूल में 10 वीं की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं में रिद्धि वार्ष्णेय और सिद्धि वार्ष्णेय पढ़ती है। दोनों सगी बहनें हैं। दोनों बहनों ने जिले की टॉप टेन लिस्ट में अपना नाम शामिल किया है। इसमें रिद्धि टॉप टेन लिस्ट में सातवें और सिद्धि नौवें स्थान पर आयी है।
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टॉप टेन में सात बेटियां शामिल
बदायूं। आईसीएसई की 10 वीं कक्षा के डी पॉल स्कूल के रिजल्ट में बेटियों ने बेटों का मात दी है। टॉप टेन में जहां सात लड़कियां शामिल हैं वहीं तीन लड़कों ने जगह बनाई है।
रविवार को आईसीएसई की 10 वीं कक्षा का रिजल्ट जारी किया गया। जिले में आईसीएसई का डीपॉल एकमात्र स्कूल है। यहां पर हाईस्कूल के 140 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। पिछले साल की तरह इस बार भी स्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। टॉपटेन की लिस्ट पर गौर करें तो यूपी बोर्ड की तरह आईसीएसई में भी बेटियों का दबदबा रहा। जिले में पहले स्थान पर मुक्तसिद अहमद खान के साथ संयुक्त रूप से टॉप पर रहने वाली मुस्कान के अलावा आयशा रईस दूसरे, नितनेम कौर जुनेजा तीसरे, सारा माहेश्वरी पांचवें, रिद्धि वार्ष्णेय सातवें, सिद्धि वार्ष्णेय नवें और अदिति सक्सेना दसवें स्थान पर रही हैं, जबकि लड़कों में मुक्तसिद अहमद के अलावा आदित्य कुमार चौथे, कुशाग्र दीक्षित छठे और ध्रुव सिंह आठवां स्थान हासिल कर सके हैं।
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बोले मेधावी
रात-रात भर पढ़कर पहले नंबर पर आई मुस्कान
टॉप थ्री में पहले स्थान पर रहने वाली शहर के चूना मंडी निवासी मुस्कान रस्तोगी ने बताया कि उनका शौक केवल पढ़ाई है। ऐसे में अधिकतर समय वह पढ़ाई करती हैं। सबसे अच्छी पढ़ाई रात के समय होती है। ऐसे में पूरी रात पढ़ने में ही निकल जाती थी। सुबह जब लोगों के जागने का समय होता था, तब हम सो जाया करते थे। मुझे उम्मीद थी कि मेरे इतने नंबर आने ही थे।
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ट्यूशन की, सोशल मीडिया का भी सहारा लिया मुक्तसिद ने
परीक्षा में पहले स्थान पर रहे सोथा मोहल्ला निवासी मुक्तसिद अहमद खान ने बताया कि उन्होंने खुद तो तैयारी की ही थी, साथ में ट्यूशन भी लगाई थी। बेहतर पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया था। हालांकि उन्हें इससे भी ज्यादा नंबर आने की उम्मीद थी लेकिन अंग्रेजी विषय के पेपर के दौरान बुखार आने की वजह से पेपर ज्यादा सही नहीं हुआ।
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कभी टाइम टेबिल बनाकर नहीं पढ़ी : आयशा
परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहने वाली शहर के मोहल्ला वेदो टोला निवासी आयशा रईस कहती हैं कि पढ़ाई के लिए कोई टाइम टेबल नहीं बनाया था। जब भी मन करता था, तब पढ़ाई कर लिया करती थीं। अगर कोई समस्या आती थी तो दोस्तों से साझा करती थीं, जिससे उनकी परेशानी दूर हो जाती थी, साथ ही आसानी से समझ में भी आ जाता था। पढ़ाई के दौरान थकावट होने पर मोबाइल फोन भी देख लिया करती थीं।
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रूटीन बनाया और पहले तीन में जगह बनाई : नितनेम जुनेजा
जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली नितनेम कौर जुनेजा ने बताया कि उनका एक ही लक्ष्य था कि बेहतर नंबर लाने हैं। उसी उद्देश्य से तहत पढ़ाई करने के लिए एक रूटीन तय किया था। उसी के अनुसार पढ़ाई करती थी। हालांकि सुबह के समय अच्छे से पढ़ाई होती हैं। उनका सपना इंजीनियर बनने का है। इसी उद्देश्य को लेकर पढ़ाई कर रही हैं।
मुक्तसिद अहमद खान- 98 प्रतिशत। संवाद- फोटो : BADAUN