फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिफारिश नहीं, अंकों के आधार पर बनेंगे बोर्ड परीक्षा के केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। यूपी बोर्ड की ओर से इस बार कई बदलाव किए गए हैं, साथ ही बोर्ड ने सेंटरों के निर्धारण में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया है। इसके चलते अब अंकों के हिसाब से सेंटर बनाए जाएंगे। यानी, बोर्ड की ओर से हर चीज के अलग अंक निर्धारित किए गए हैं, जिसमें विद्यालय इंटरमीडिएट होने पर 20 और हाईस्कूल होने पर 10 अंक दिए जाएंगे। वहीं विद्यालय के चारों और पक्की चहारदीवारी होने पर भी 10 अंक दिए जाएंगे। ऐसी ही सभी चीजों के अलग अंक निर्धारित किए गए है। सबसे ज्यादा अंक वाले कॉलेजों को वरीयता दी जाएगी।
विज्ञापन

जिले में 271 कॉलेज हैं, जिनमें से इस बार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा कराने के लिए सेंटर बनाए जाएंगे। इन कॉलेजों को वरीयता क्रम के अनुसार ही इस बार सेंटर बनाए जाने का निर्णय किया गया है। इसके लिए बोर्ड ने सभी चीजों के अंक निर्धारित किए हैं। ऐसे में जिस कॉलेज के अंक सबसे ज्यादा होंगे, उसको वरीयता क्रम की सूची मेें सबसे ऊपर रखा जाएगा। बोर्ड की ओर कॉलेज के इंटरमीडिट स्तर का होने पर 20 अंक, हाईस्कूल होने पर 10 अंक, कॉलेज में उपलब्ध पक्के लिंटर, शिक्षक कक्ष के हिसाब से प्रति कक्ष 10 अंक, कॉलेज में 300 से कम विद्यार्थी होने पर एक भी अंक नहीं दिया जाएगा। हालांकि 300 से अधिक होने पर प्रति 10 विद्यार्थी एक अंक दिया जाएगा। वहीं कॉलेज में स्ट्रांग रूम एवं प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए 10 अंक, चारों ओर पक्की चहारदीवारी के लिए 10 अंक, मुख्य द्वार पर लोहे का गेट लगा होने पर 10 अंक, क्रियाशील अग्निशमन यंत्र होने पर 10 अंक, कॉलेज तक संपर्क मार्ग से जुड़े होने पर 20 अंक, पेयजल व्यवस्था ठीक होने पर 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।

बोर्ड की ओर से इस बार सेंटर के निर्धारण में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जा रही है। ऐसे में गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी और सेंटर वरीयता क्रम के आधार पर बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- राममूरत, डीआईओएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें