बदायूं/दबतोरी। पहली बार यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा अन्य कर्मचारियों को दी जाने वाली धनराशि उनके खातों में भेजी जाएगी। इसके लिए डीआईओएस कार्यालय में तैयारी चल रही है। संबंधित कॉलेजों के बिल वापस कर कार्यालय ने ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों का बैंक खाता नंबर मांगा है। माना जा रहा है कि ऐसे में कक्ष निरीक्षकों को मिलने वाली धनराशि में हेराफेरी नहीं की जा सकेगी।
बोर्ड परीक्षा में निजी विद्यालयों के अलावा परिषदीय स्कूलों के शिक्षक शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई जाती है। ड्यूटी करने वालों को विभाग और शासन से निर्धारित धनराशि देने का प्रावधान भी रखा गया था, लेकिन कर्मचारियों को मिलने वाली धनराशि बीते वर्ष तक कॉलेज प्रशासन के खाते में एकमुश्त भेजी जाती थी। उसके बाद में कॉलेज प्रशासन अपनी मनमर्जी से उसका वितरण करते थे। काफी शिक्षकों को यह धनराशि लंबे समय तक नहीं मिल पाती थी और कुछ कॉलेज प्रशासन इस धनराशि में गड़बड़ी कर लेते थे। वर्ष 2019 में जो बोर्ड परीक्षा मार्च और अप्रैल माह में हुई थी, उसमें लगे कर्मचारियों को दी जाने वाली धनराशि के बिल कुछ कॉलेज प्रशासन ने डीआईओएस कार्यालय को पूर्व की तरह भेजे थे। डीआईओएस ने ऐसे सभी बिल कॉलेजों को वापस भेजकर कर्मचारियों के खाता संख्या सहित रिकार्ड मांगा है।
शासन और विभागीय आदेशों के तहत बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के खाते में इस बार धनराशि भेजी जाएगी। सभी कॉलेजों से संबंधित शिक्षक-कर्मचारियों के खाते का विवरण मंगाया जा रहा है।
-राममूरत, डीआईओएस
शासन और बोर्ड सचिव के आदेशों के तहत कर्मचारियों के खाते में धनराशि भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इससे भुगतान में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं आएगी।
-विनोद कृष्ण, क्षेत्रीय सचिव यूपी बोर्ड कार्यालय बरेली