उघैती (बदायूं)। उघैती थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर खितौरा गांव के पास डंपर ने टेंपो को रौंद दिया। उस वक्त चालक टेंपो से सवारी उतार रहा था। हादसे में पति-पत्नी समेत तीन की मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कई सवारी टेंपो से छिटककर सड़क पर जा गिरीं। कुछ टेंपो में फंस गईं। मौके पर चीख पुकार मच गई। कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम हो गया। पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को बिल्सी व सहसवान सीएचसी में उपचार के लिए भेजा।
सहसवान से सवारियां लेकर टेंपो बिसौली जा रहा था। सात सीटर टेंपो में दस सवारियां बैठी थीं। कई रास्ते में उतार दी थीं। गांव खितौरा के पास अपराह्न करीब एक बजे तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से सड़क पर खड़े टेंपो को रौंद दिया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की ओर से पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने टेंपो में फंसे लोगों को निकालकर सीएचसी पहुंचाया। सीएचसी पहुंचने पर उघैती क्षेत्र के गांव धरैरा निवासी ओमकार (47) पुत्र रामचरण, उनकी पत्नी शांति (45) और पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेस-3 स्थित वसुंधरा एंक्लेव निवासी रूपवती (45) पत्नी पप्पू को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य सात गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
घायलों का राजकीय मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा इलाज
डंपर की पीछे से टक्कर लगने के बाद सात लोग, परवीन (25), सईदन (50) आबिद, अयान (5) संजीता (25), मोहरकली (30) और नजमा (32), गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद सातों घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान कुछ लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
हादसे में घायलों का उपचार कराया जा रहा है। डंपर और टेंपो को कब्जे में ले लिया गया है। भागे डंपर चालक की तलाश की जा रही है। - डाॅ. हृदेश कठेरिया, एसपी ग्रामीण
डॉक्टर ने कहा था- ठीक हो चुकी हो, एक बार और दवा ले जाना, चली गई जान
- पत्नी को दवाई दिलाने ले जाते थे ओमकार, चार महीने से चल रहा था शांति का इलाज
- पीलिया और पथरी का इलाज करा पत्नी को घर ला रहे ओमकार की भी हादसे में मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
उघैती। थाना क्षेत्र के गांव धरैरा निवासी ओमकार और उनकी पत्नी शांति देवी के लिए सहसवान की यह यात्रा जिंदगी की आखिरी यात्रा बन गई। शांति देवी करीब पांच महीने से पीलिया और पथरी की बीमारी से पीड़ित थी। उनका सहसवान के एक डॉक्टर से उपचार चल रहा था। पिछली बार दवा लेकर आने पर डॉक्टर ने शांति से कहा था कि वह ठीक हो चुकी हैं। एक बार और आकर दवा ले जाना। इसके बाद ही सोमवार को ओमकार पत्नी को दवा दिलाने डॉक्टर के पास लेकर गए थे। दोनों टेंपो से घर लौट रहे थे।
परिजनों के मुताबिक, ओमकार इलाज कराने साथ ही पत्नी का ध्यान भी रखते थे उनको समय से दवा खिलाते थे। भतीजे रामबरन ने बताया कि ओमकार के परिवार में चार बेटे और तीन बेटियां हैं। इनमें तीन बेटों और दो बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी। उनके पास महज तीन बीघा जमीन थी और वह मजदूरी तथा पशुपालन कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। पति-पत्नी की एक साथ मौत से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि ओमकार मेहनत-मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। हादसे ने परिवार की कमर तोड़ दी है।
दिल्ली से गांव में गोगामेड़ी दर्शन के लिए आई थीं रूपवती
बदायूं। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव रुदायन की मूल निवासी रूपवती करीब 15 साल पहले गांव दिल्ली में जाकर रहने लगी थी। रूपवती के भाई मुन्नालाल ने बताया कि उनकी बहन के पति पप्पू का करीब 16 साल पहले निधन हो गया था। पति की मौत के बाद वे अपने इकलौते बेटे के साथ दिल्ली रहने लगी थीं।
दिल्ली में रहकर मजदूरी करती थी। उनका बेटा गौतम भी उनके साथ मजदूरी कर परिवार का पालन करते थे। उन्होंने बताया कि रूपवती एक सप्ताह पहले ही दिल्ली से गांव रुदायन आई थीं। रुदायन आने के बाद गांव वालों के साथ गोगामेड़ी दर्शन करने बुधवार को गांव से रवाना हुई थीं। वहां से दर्शन और भंडारा के बाद सोमवार को लौटकर सहसवान में बस से उतरी थीं। वहां से टेंपो में बैठकर गांव रुदायन आ रही थीं।
भाई मुन्नालाल ने बताया कि वह भी गोगामेड़ी गए थे। लौटकर आने पर वह सहसवान में उतर गए थे। टेंपो गांव आते समय बीच रास्ते में हादसा हो गया। संवाद
बीच सड़क पर सवारी उतार रहा था टेंपो
बदायूं। उघैती के खितौरा गांव में हुए हादसे में परिवहन विभाग ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। एआरटीओ हरीओम के निरीक्षण के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों ने उनको बताया कि टेंपो चालक बीच सड़क पर सवारी उतार रहा था। इसी बीच सात-सीटर टेंपो (विक्रम) में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। अचानक ब्रेक लगने और टू-लेन सड़क पर साइड शोल्डर न होने के कारण डंपर चालक नियंत्रण खो बैठा और ओवरटेक के प्रयास में यह हादसा हो गया।
एआरटीओ ने मुताबिक, एक आरा मशीन के पास सवारी के कहने पर चालक ने बीच रास्ते में ही टेंपो रोक दिया था। पीछे से आ रहा खाली डंपर हाईवे निर्माण कार्य में लगा था, जिसके दस्तावेज वैध पाए गए। वहीं, अलापुर क्षेत्र के सकरौला निवासी अब्दुल खलीक के नाम पंजीकृत टेंपो बिना फिटनेस के दौड़ रहा था। अधिक कमाई के चक्कर में डाला नीचे गिराकर इसमें क्षमता से अधिक सवारियां भी ठूंसी गई थीं। ऑटो में सात सवारियां ही बिठाई जा सकती थीं। एआरटीओ ने बताया कि पिकअप का उपयोग लोडर वाहन के रूप में किया जाता है। उस पर सवारियां नहीं बिठाई जा सकती है। संवाद
डंपर की टक्कर लगने के बाद पलटा टेंपो और पास ही खड़ा डंपर। संवाद
डंपर की टक्कर लगने के बाद पलटा टेंपो और पास ही खड़ा डंपर। संवाद
डंपर की टक्कर लगने के बाद पलटा टेंपो और पास ही खड़ा डंपर। संवाद
डंपर की टक्कर लगने के बाद पलटा टेंपो और पास ही खड़ा डंपर। संवाद