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Budaun News: तीन मेडिकल स्टोर से नशे के इंजेक्शन और दवाएं बरामद, मालिक गिरफ्तार

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नाले में पड़े खाली इंजेक्शन।स्रोत-प्रशासन
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बदायूं। शहर में शनिवार रात को सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी ने छापा मारकर तीन अलग-अलग मेडिकल स्टोर से नशीली दवाएं बरामद कीं। मेडिकल स्टोर संचालक विनोद सिंह राठौर को एक नाबालिग को नशे का इंजेक्शन लगाते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। जांच में एक ही लाइसेंस पर तीन अलग-अलग स्थानों पर मेडिकल स्टोर चलते पाए गए। मेडिकल स्टोर संचालक विनोद उसके पुत्र सुधांशु व एक अज्ञात के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। विनोद को जेल भेज दिया गया है।
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सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने बताया कि सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में ओवरब्रिज के पास लक्ष्मी मेडिकल स्टोर पर नशीले इंजेक्शन बेचे जाने की सूचना मिली थी। एक दिन पहले सुनियोजित ढंग से पुलिसकर्मी को भेजकर इंजेक्शन मंगवाया गया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल लेकर शनिवार रात छापा मारा गया।
यहां बड़ी मात्रा में नशे के इंजेक्शन मिले। मेडिकल स्टोर के पास ही एक नाला है, यहां से इस्तेमाल हो चुके नशे के इंजेक्शन भी पुलिस ने बरामद किए। मेडिकल स्टोर संचालक विनोद सिंह राठौर को पुलिस ने एक नाबालिग को नशे का इंजेक्शन लगाते मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद ड्रग विभाग की टीम को बुलाया गया।
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करीब तीन घंटे बाद औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्हें लेकर रात करीब 10 बजे शहर के मिशन स्कूल के पास लक्ष्मी मेडिकल स्टोर पर टीम पहुंची। टीम ने मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया तो यहां भी बड़ी संख्या में प्रतिबंधित दवाएं मिलीं। इसके बाद टीम मंडी समिति रोड पर पहुंची। यहां भी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं व इंजेक्शन बरामद हुए। तीनों मेडिकल स्टोर विनोद राठौर के ही हैं। तीनों ही लक्ष्मी मेडिकल स्टोर के नाम से एक ही लाइसेंस पर चल रहे थे।
विनोद सिविल लाइंस के आदर्श नगर मोहल्ले में गली नंबर तीन का रहने वाला है। उसका लड़का सुधांशु भी मेडिकल स्टोर पर बैठकर नशीली दवाएं बेचता है। पुलिस ने उसे भी नामजद किया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसके साथ इस खेल में और कौन-कौन शामिल है। चर्चा यह भी है कि औषधि विभाग की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा था।

200 रुपये में लगाता था युवाओं को नशे का इंजेक्शन



बताया जा रहा है कि मेडिकल स्टोर संचालक इलाके के कई युवाओं को नशे के इंजेक्शन (रेक्सोगैसिक) बेचता था। 200 रुपये में नशे का यह इंजेक्शन युवाओं को लगाया जाता था। यहां पास में ही गर्ल्स काॅलेज भी है। उसने इसकी परवाह भी नहीं की। ये इंजेक्शन बाजार में पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। एसएचओ सिविल लाइंस संजय कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर लिखी गई है।



नशीली दवाएं मिलने के बाद भी सील नहीं किया मेडिकल स्टोर



मेडिकल स्टोर पर नशीले इंजेक्शन व दवाएं मिलने पर पुलिस ने संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोपी को जेल भेज दिया गया। इतना सब हो जाने के बाद भी औषधि विभाग व अन्य अधिकारियों ने तीनों मेडिकल स्टोर सील नहीं किए। औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद का कहना है कि छापे की कार्रवाई के दौरान वह जिले से बाहर थे। सूचना मिलते ही वह मुख्यालय के लिए रवाना हो गए। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मेडिकल स्टोर को सील कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।



ड्रग इंस्पेक्टर साथ में थे। नियमानुसार जो कार्रवाई करनी थी, वह की गई। मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। दुकानों को सील करने की कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर के अधिकार क्षेत्र में है। -अरुण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट



मेडिकल स्टोर का लाइसेंस है। इसलिए उसको सील नहीं किया गया है। लाइसेंस को निरस्त कराने की प्रक्रिया की जाएगी। अभी मामले की जांच चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।- लवकुश प्रसाद, औषधि निरीक्षक

नाले में पड़े खाली इंजेक्शन।स्रोत-प्रशासन

नाले में पड़े खाली इंजेक्शन।स्रोत-प्रशासन

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