बदायूं। जिले में औषधि विभाग की मिलीभगत से नशीली दवाओं का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। कागजों में मेडिकल स्टोर के निरीक्षण का खेल चल रहा है, जबकि हाल यह है कि मुख्यालय पर शहर में ही मेडिकल स्टोर पर खुलेआम नशीली दवाएं बेची जा रहीं हैं।
जिले में लंबे समय से नशीली दवाओं का कारोबार हो रहा है। एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स ने जब भी यहां छापेमारी की तो उसको नशे की प्रतिबंधित दवाएं मिलीं। तीन महीने पूर्व ही बिसौली व बिनावर से नशे की प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी गईं थीं। इसके बाद भी औषधि विभाग ने सतर्कता नहीं दिखाई। महज कागजों में छापेमारी दिखाकर अधिकारियों को गुमराह करते रहे। शनिवार रात पुलिस टीम ने छापेमारी तो औषधि विभाग की पोल खुलकर सामने आ गई। कई नशीली दवाएं प्रतिबंधित होने के बाद भी मेडिकलों पर मिलीं।
दवा के थोक व रिटेल विक्रेता विनोद राठौर के आवास-विकास रोड पर लक्ष्मी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान करीब 26 हजार रुपये की प्रतिबंधित नशीली दवा व इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन दवाओं को कहां से लाया जा रहा था। विनोद नाबालिग व छात्रों व रिक्शा चालक आदि को इन इंजेक्शनों को न सिर्फ बेचता था, बल्कि लगाता भी था। दुकान के पास नाले में मिले नशे के इंजेक्शन को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि विनोद रोजाना एक दुकान से 50 से 60 इंजेक्शन बेचता होगा।