बिल्सी रोड पर ऑटोमेटिक ट्रैक प्रशिक्षण केंद्र बनकर तैयार। स्रोत- परिवहन विभाग
बदायूं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में जिले में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब सभी ड्राइविंग टेस्ट ऑटोमेटिक ट्रैक पर ही लिए जाएंगे। मैनुअल रूप से कार्यालय में होने वाली परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
ग्राम बदरपुर, बिल्सी रोड पर स्थापित प्रत्यानन चालन प्रशिक्षण केंद्र में शीघ्र ही समस्त ड्राइविंग टेस्ट स्वचालित ट्रैक पर संपादित किए जाएंगे। वर्तमान में ड्राइविंग टेस्ट मैनुअली कार्यालय में लिए जाते थे, जिसको लेकर समय-समय पर जनसामान्य द्वारा अनियमितताओं के आरोप लगाए जाते रहे हैं। नई ऑटोमेटिक प्रणाली लागू होने से इन आरोपों पर पूर्ण विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
एआरटीओ हरिओम ने बताया कि इस संबंध में शासन को पत्र प्रेषित कर दिया गया है और जल्द ही उक्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल पर परीक्षण प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का समस्त आधारभूत ढांचा तैयार हो चुका है। ऑटोमेशन के लिए लगाए गए सेंसर का सफल ट्रायल भी पूरा किया जा चुका है। अब केवल टेस्ट प्रणाली को परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से जोड़ा जाना शेष है तथा परिवहन आयुक्त महोदय से अंतिम स्वीकृति प्राप्त होना बाकी है। अधिकारियों के अनुसार एक सप्ताह के भीतर समस्त औपचारिकताएं पूर्ण होने की उम्मीद है।
ऑटोमेटिक ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट होने से केवल प्रशिक्षित और योग्य चालक ही परीक्षा उत्तीर्ण कर सकेंगे। इससे न केवल लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।