बदायूं। कादरचौक सीएचसी के पूर्व प्रभारी डॉ. अवधेश राठौर जल्द ही कार्रवाई की जद में आ सकते है। निलंबन के साथ उनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। निजी चिकित्सालय में सीने पर बैठकर डिलीवरी कराने के मामले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें जांच कर रही हैं। ये टीमें जल्द ही अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगी। अभी तक की जांच में निजी अस्पताल के संचालन में संंलिप्तता और प्रसूता को सरकारी अस्पताल से जानबूझकर निजी अस्पताल भिजवाने की बात सामने आ रही है।
कादरचौक क्षेत्र के ग्राम ललसी नगला निवासी छोटेलाल की पत्नी कृष्णा का 27 अप्रैल को राधिका अस्पताल में प्रसव कराया गया था। इस अस्पताल की संचालिका तत्कालीन कादरचौक एमओआईसी डॉ. अवधेश राठौर की बहन पाई गईं। डॉ. राठौर और उनकी बहन के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।
आरोप है कि सरकारी अस्पताल आने वाली मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का काम किया जाता था। यही वजह है कि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। इसलिए जांच में थोड़ा ज्यादा समय लगा। उधर कादरचौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट की विवेचना चल रही है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। - डॉ. नवनीत कुमार सिंह, प्रभारी सीएमओ