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डीपीएम ने विधायक पर लगाया धमकाने का आरोप

Fri, 11 Dec 2015 11:51 PM IST
अमर उजाला, बदायूं
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जिले के सामुदायिक, प्राथमिक और महिला अस्पतालों में जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत प्रसूता महिलाओं को भोजन और पोषक आहार दिया जाता है जिसके लिए जिले में ठेका होना है। सीएमओ डॉ. आरडी तिवारी के आदेश पर हाल ही में टेंडरों की बिक्री शुरू की गई थी। तीन से सात दिसंबर तक 14 टेंडर बिक चुके हैं। डीपीएम मनोज शर्मा का आरोप है कि सात दिसंबर को ठेकेदार नईम शास्त्री ने टे़ंडरों की बिक्री एतराज करते हुए उनसे कहा कि मंत्री जी (आबिद रजा) का आदेश है कि एक भी टेंडर नहीं बेचा जाएगा। उन्होंने ऐसा कर पाने से इन्कार किया तो नईम शास्त्री ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसी दिन नईम ने रात 9:45 बजे उन्हें फोन कर आबिद रजा से उनकी बात कराई। इस पर आबिद रजा ने भी उनसे बदसलूकी करते हुए उन्हें धमकी दी कि 11 दिसंबर को अगर टेंडर खुले तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
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आरोप बेबुनियाद है। स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के तमाम मामलों की शिकायतें मिल रही हैं। इसकी शिकायत मैंने शासन से की है। जननी सुरक्षा योजना में हुए घोटाले की पहले ही सीबीआई जांच चल रही है। तमाम ठेके हर साल अवैध रूप से रिन्यू कर दिए जाते हैं। डीपीएम से मेरी कोई बात नहीं हुई है। -आबिद रजा, शहर विधायक/अध्यक्ष वक्फ विकास निगम उत्तर प्रदेश

मामला मेरी जानकारी में आया है। डीपीएम का कहना है कि उन पर टेंडरों की बिक्री न करने और एक ठेकेदार विशेष को ठेका देने का दवाब बनाया गया था। उच्चाधिकारियों को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। मैं अपने स्तर से भी जांच करा रहा हूं। -डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ
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ठेकेदार नईम शास्त्री ने निविदाओं की बिक्री न करने का दवाब बनाया था। उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी। बाद में शहर विधायक/वक्फ विकास निगम के चेयरमैन आबिद रजा ने भी फोन पर जान से मारने की धमकी दी। -मनोज शर्मा, डीपीएम


21 अस्पतालों का होना है 50 लाख का ठेका
बदायूं। जिले के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और चार महिला अस्पतालों प्रसूताओं को पोषक आहार और भोजन मुहैया कराने के लिए ठेका होना है। इसकी रकम 50 लाख रुपये है। सामान्य प्रसव वाली महिलाओं को तीन और ऑपरेशन से प्रसव वाली महिलाओं को सात दिन तक अस्पताल में पोषक आहार और भोजन देने की व्यवस्था है। यह बात अलग है कि तमाम अस्पतालों में योजना कागजों पर ही चल रही है।
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