गांव ललुआ नगला में गुरुवार को हुए भीषण अग्निकांड में करीब 40 घर जलकर राख हो गए। सात जानवरों की जलकर मौत हो गई। आग बुझाने की कोशिश में एक बच्ची समेत तीन लोग झुलस गए, जिन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। राजस्व विभाग की टीम ने अग्निकांड में करीब 80 लाख रुपये की क्षति होने का अनुमान लगाया है।
सुबह करीब नौ बजे रहवारी के घर में लगी आग ने तेज हवा चलते विकराल रुप धारण कर लिया और देखते ही देखते आधे गांव को अपनी चपेट में ले लिया। छप्परपोश मकान का वाशिंदों को अपना घर बचाने का मौका भी न मिला। हालांकि लोग बाल्टी में पानी भरकर आग बुझाने का काम किया, लेकिन हवाओं ने सारे प्रयास फेल कर दिए। आग की लपटें तेज ही होती गईं। खबर मिलने पर नरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक लाखों रुपये की संपत्ति राख हो चुकी थी। फायर ब्रिगेड ने गांव के लोगों के सहयोग से बमुश्किल आग पर काबू पाया। अग्निकांड से गांव के करीब 40 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। उनको सोने-खाने तक के लाले हैं। सामान आग की भेंट चढ़ जाने से परिवार के लोग चिंताग्रस्त हैं।
अग्निकांड में रहवारी समेत गांव के सुखवीर, राजेश्वर, महावीर, जगदीश, श्रीपाल, धनपाल, शिशुपाल, देवेंद्र, चंद्रपाल, जगवीर, बद्री, सुखराम, दयाराम, रजनेश, अवधेश, चंद्रपाल, जितेंद्र, श्यामपाल, दल सिंह, छोटे लाल, निर्भान सिंह, रक्षपाल, ब्रजपाल, किशन लाल, ओमपाल, लड़ैते, बच्चन सिंह, ओमप्रकाश, सिपट्टर, शिशुपाल, रामवीर, ओमवीर, रामनिवास, धनदेवी, छोटे लाल, सुभाष, मुन्ना लाल और विनोद आदि के घर भी जल गए। आग बुझाने की कोशिश में रहवारी और धनपाल की 20 वर्षीय बेटी निशा झुलस गई। चंद्रपाल की दो भैंस, एक बैल, एक गाय और एक बछड़ा जिंदा जलकर मर गया। रामवीर की एक बकरी और रहवारी का एक बछड़ा भी जिंदा जल गया।
बाक्स
25 लाख की तंबाकू जली
कादरचौक। जिले में तंबाकू की खेती नाम मात्र के लिए होती है, लेकिन ललुआ नगला गांव तंबाकू उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। इस गांव के ज्यादातर किसान तंबाकू की खेती करते हैं। कुछ दिन पहले ही खेतों से तंबाकू की फसल उठा कर किसान घरों के लिए लाए थे। अग्निकांड में करीब 25 लाख रुपये की तंबाकू भी जलकर राख हो गई है।
फोटो-4,5
सहसवान के चमरपुरा में आधा दर्जन घर जले
अमर उजाला ब्यूरो
सहसवान। चूल्हे की चिंगारी ने तेज हवा के बीच भीषण अग्निकांड का रूप ले लिया। इससे सहसवान कोतवाली के गांव चमरपुरा में आधा दर्जन घर जल गए। अग्निकांड में लाखों रुपये की संपत्ति राख हुई है। गांव चमरपुरा में कासिम अली के घर से उठी चिंगारी ने तेज हवाओं के चलते रफ्तार पकड़ी और इफ्तिकार, इंतजार, मुंतजिर, इकबाल और मुश्ताक के घरों को भी आगोश में ले लिया। खबर मिलने पर पहुंची फायर बिग्रेड ने गांव के लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया। नायब तहसीलदार राजकुमार ने हल्का लेखपाल रामनाथ और अकरम के साथ गांव पहुंच कर क्षति का आकलन किया है।
बाक्स
खाना बताते समय लगी आग से तीन घर जले
अलापुर। गांव खरखोली खुर्द में दोपहर को किश्वर की पत्नी घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान चूल्हे से एक चिंगारी उठी, जो छप्पर तक पहुंच गई। देखते ही देखते ही छप्पर ने आग पकड़ ली। कुछ देर में आग ने पड़ोसी जाकिर और दूल्हे के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग से घर में रखे कपडे़े, अनाज और सामान जलकर राख हो गया। लोगों ने करीब आधा घंटे में आग पर काबू पाया। इसकी सूचना राजस्व विभाग को दे दी गई, लेकिन कोई भी अधिकारी-कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
बाक्स
सिमरा में आग से चार घर जले
कादरचौक। थाना क्षेत्र के गांव सिमरा में भी गुरुवार को अग्निकांड हुआ। यहां से से सुरेंद्र, वीरेंद्र, रामबिलास और धनदेवी के घर जल गए। गांव वालों ने जब तक आग पर काबू पाया तब तक लाखों रुपये की संपत्ति राख हो चुकी थी।
---------------------------------------------
एक पखवाड़े में 10 गांवों में अग्निकांड, राहत शून्य
कादरचौक थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा हुए अग्निकांड
कादरचौक। थाना क्षेत्र में एक पखवाड़े में 10 गांवों में भीषण अग्निकांड हुए हैं। इलाके का गांव पांडेय नगला को तो आग ने पूरी तरह से निकल लिया था। गौर करने वाली बात यह है कि अग्नि पीड़ितों को अब तक राहत मुहैया नहीं कराई गई है।
अग्निकांडों का सीजन अप्रैल में शुरू होकर 30 मई तक रहता है। इन दिनों अग्निशमन विभाग अग्नि सुरक्षा सप्ताह चला रहा है। अप्रैल एक पखबाड़े पर गौर करें तो कादरचौक थाने के गांव पांडेय नगला, भदरौल, ललसी नगला, मुंशी नगला, कौआ नगला पहले ही आग से तबाह हो चुके हैं। अब ललुआ नगला और सिमरा गांव को भी आग ने आगोश में ले लिया है। तमाम परिवार खुले आसमानी के नीचे आ गए हैं। प्रशासन की ओर से अब तक अग्नि पीड़ितों को राहत मुहैया नहीं कराई गई है।