उझानी। वनगवां में युवक पर कुल्हाड़ी से हमले करने वाले बुजुर्ग की मौत हो गई है। रविवार दोपहर शव के पोस्टमॉर्टम से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसलिए विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है।
मृतक किशनपाल (60) कोतवाली क्षेत्र के गांव वनगवां के निवासी थे। शनिवार अपराह्न करीब चार बजे गांव के ही ओमेंद्र सिंह पर हमले के बाद उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पोस्ट मार्टम में मृतक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। पोस्टमॉर्टम के बाद किशनपाल का शव उनके छोटे बेटे निशांत को सुपुर्द कर दिया गया।
निशांत ने बताया कि ओमेंद्र से उनकी परिवार की रंजिश रही है। वह उनके पिता को कई बार परेशान कर चुका है। इसी रंजिश में एक बार निशांत को जेल भी जाना पड़ा था। बताया कि पिता किशनपाल कुल्हाड़ी लेकर निकले जरूर थे, लेकिन छीनाझपटी में कुल्हाड़ी ओमेंद्र के सिर में लग गई। इसके बाद ही ओमेंद्र के परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों ने किशनपाल को पीटते हुए घसीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने अभी तक तहरीर नहीं दी है। प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक का कहना है कि जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
नौ दिन पहले ही बेटे के पास से घर लौटे थे किशनपाल
बेटे निशांत ने बताया कि उनके पिता किशनपाल भी कई दिन तक नोएडा में रहे। नौ दिन पहले वह यह कहते हुए गांव लौट आए कि घर पर बड़े बेटे प्रशांत की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उसका इलाज भी कराना है। निशांत ने किशनपाल के जहर गटक लिए जाने से इंकार कर दिया। कहा कि वह अगर ऐसा करते तो गांव के बाहर ताश खेल रहे ओमेंद्र सिंह समेत लोगों के पास क्यों जाते।