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Budaun News: खेल में व्यस्त रहे डॉक्टर... मेडिकल कॉलेज में इलाज न मिलने से मां की गोद में बच्ची की मौत

Thu, 24 Oct 2024 03:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज के अभाव में एक बीमार बच्ची की मौत हो गई। परिजन उसे लेकर यहां पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर खेल प्रतियोगिता में व्यस्त रहे। बच्ची को इलाज नहीं मिल सका। 
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मां की गोद में बीमार बच्ची - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुधवार को मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। गले में इंफेक्शन से बीमार दस साल की बच्ची की इलाज न मिलने से मौत हो गई। परिजन बच्ची को लेकर तीन घंटे तक मेडिकल कॉलेज में इधर-उधर दौड़ते रहे। सब जगह यही बताया गया कि डॉक्टर खेल प्रतियोगिता में व्यस्त हैं। बच्ची की मौत के बाद परिजन ने हंगामा किया। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। उन्होंने समझा बुझाकर परिजनों को शांत किया। इसके बाद परिजन बिना किसी कार्रवाई के बच्ची के शव को घर ले गए।

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थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव थलिया नगला निवासी नाजिम की बेटी शुफिया (10) को गले में इंफेक्शन हो गया था। इससे उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसका उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत में सुधार न होने के चलते परिजन बुधवार की सुबह नौ बजे शुफिया को राजकीय मेडिकल काॅलेज लेकर आए।

कहा गया- चिकित्सक प्रतियोगिता में हैं
पर्चा बनवाने के बाद वह डॉक्टर के कक्ष में पहुंचे तो बताया गया कि चिकित्सक खेल प्रतियोगिता में मौजूद हैं। इसके बाद उन्हें दूसरे कक्ष में भेज दिया गया। वहां पर भी चिकित्सक नहीं मिले। वह डॉक्टर भी खेल प्रतियोगिता में थे। इसके बाद तीसरे कक्ष में पहुंचे तो वहां पर एक महिला कर्मचारी मिली। दोपहर 12 बजे इसी कक्ष में बच्ची ने मां की गोद में दम तोड़ दिया।

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परिजनों ने किया हंगामा
शव को लेकर परिजन इधर-उधर दौड़ते रहे लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। गुस्साए परिजन ने हंगामा करना शुरू कर दिया तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला शांत कराया। शव पोस्टमार्टम भेजने के लिए कहा तो परिजन ने मना कर दिया। वहीं, शुफिया के पिता ने कहा कि डॉक्टरों को सूचित कर दिया था, इसके बावजूद वह लोग समय से नहीं पहुंच सके। इसी लापरवाही की वजह से बेटी की जान चली गई।

सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। अगर परिजन तहरीर देते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि इस घटना की कोई जानकारी नहीं है न ही परिजन उनसे मिले। अगर ऐसी घटना हुई है तो जांच कराई जाएगी। 
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