नाबालिग चचेरी बहनों से गैंगरेप के पांचाें आरोपियों के लिए गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से इनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले आरोपियों का जिला अस्पताल में मेडिकल हुआ। यहां डीएनए टेस्ट के लिए उनके नमूने लिए गए। नमूनों को विधि विज्ञानशाला लखनऊ भेजा जाएगा। दोनों लड़कियों के भी नमूने लिए गए हैं।
जरीफनगर थाने के एक गांव में मंगलवार रात 13 और 14 साल की चचेरी बहनें खेत पर शौच को गई थीं। परिवार वालों का आरोप है कि वहां पड़ोसी गांव के नरेश यादव, राकेश यादव, छोटे यादव, महावीर मल्लाह और मनोज ने दोनों को दबोच लिया। रात भर बंधक बनाकर लड़कियों के साथ यूक्लेप्टिस के बाग में गैंगरेप किया। गांव वालों के साथ लड़कियों की खोज में जुटे परिवारवालों ने बुधवार तड़के पांचों आरोपियों को पकड़ लिया। लड़कियां भी इनके कब्जे से मिलीं। आरोपियों के पास दो देशी रायफल भी बरामद हुईं। बाद में पांचों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। लड़कियों के चाचा की तहरीर पर पांचों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने बंधक बनाकर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कर लिया।
गुरुवार को जिला अस्पताल में आरोपियों के नाखून, बाल, और ब्लड के नमूने लिए गए। बाद में आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। डीएनए टेस्ट के लिए दोनों लड़कियों के नमूने लिए गए हैं।
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छह महीने बाद आएगी डीएनए रिपोर्ट
बदायूं। आरोपियों और लड़कियों की डीएनए रिपोर्ट आने में करीब छह महीने का वक्त लगेगा। बता दें कि 31 दिसंबर की रात मूसाझाग थाने में दो सिपाहियों ने नाबालिग के साथ गैंगरेप किया था। सिपाहियों और पीड़िता के नमूने जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजे गए थे। इनकी डीएनए रिपोर्ट अब तक नहीं आ सकी है। जरीफनगर गैंगरेप मामले में जांच कर रहे एसओ गंगासिंह यादव ने बताया कि वह कोशिश करेंगे कि डीएनए रिपोर्ट जल्द आ जाए।
यादव बनाम मल्लाह बिरादरी विवाद से जुड़ रही घटना
षडयंत्र से इंकार नहीं कर रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जरीफनगर पुलिस गैंगरेप की घटना के पीछे किसी षडयंत्र से इंकार नहीं कर रही है। दरअसल, लड़कियों के गांव के प्रधान और एक आरोपी नरेश यादव के बीच ग्रामसभा की जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। आरोपियों और लड़कियों के गांव के बीच एक किलोमीटर की दूरी है।
आरोपी नरेश यादव का गांव यादव और लड़कियों का गांव मल्लाह बिरादरी बहुल्य है। नरेश यादव ने मल्लाह बहुल्य गांव की ग्रामसभा की कुछ जमीन पर कब्जा कर रखा है। इसको लेकर दोनों पक्षों में कई बार तकरार भी हुई है। एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। मेडिकल में लड़कियों के साथ प्रथम दृष्टया रेप की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच कर रहे एसओ गंगा सिंह यादव ने बताया कि गांव वालों के बयान दर्ज किए गए हैं। पूरे मामले के पीछे षडयंत्र होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
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तहरीर, 161 और 164 के बयान नहीं खा रहे मेल
बदायूं। लड़कियों के साथ गैंगरेप की तहरीर से 161 और 164 के बयान मेल नहीं खा रहे हैं। गुरुवार को दोनों लड़कियों के मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान दर्ज कराए गए। इसमें एक लड़की ने कहा है कि उसके साथ छोटे ने बुरा काम किया। दूसरी लड़की का कहना है कि उसके साथ मनोज और राकेश ने बुरा काम किया। इनको ऐसा करते उनकी भाभी ने देख लिया था। इसके बाद बाग से दोनों भाग कर घर आ गईं। हालांकि, तहरीर में कहा गया है कि परिवार और गांव वालों ने पांच लोगों को पकड़ा। इनके कब्जे से ही लड़कियां मिलीं। इससे पहले बुधवार को लड़कियों के 164 के बयान दर्ज हुए थे। वह बयान भी तहरीर और 164 के बयान से भिन्न हैं। एसओ महिला सुनीता मिश्रा ने लड़कियों के 161 के बयान दर्ज किए थे।
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दोनों की उम्र निकली 15-15 साल
बदायूं। दोनों लड़कियों की गुरुवार को मेडिकल जांच हुई। एक्स-रे और शारीरिक ढांचे के आधार पर सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना ने दोनों लड़कियों की उम्र 15-15 साल होने की पुष्टि की है। हालांकि, रिपोर्ट में एक लड़की की उम्र 13 और एक की 14 साल बताई गई है। देर शाम लड़कियों को पुलिस के साथ वापस गांव भेज दिया गया।
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पूरे मामले की जांच की जा रही है। लड़कियों और आरोपियों के नमूने डीएनए टेस्ट के लिए भेजे जा रहे हैं। जो भी सच्चाई है, वह जल्द सामने आ जाएगी। मेडिकल जांच में लड़कियों के साथ प्रथम दृष्टया रेप की पुष्टि नहीं हुई है। उनके कपड़े और स्लाइड पैथोलॉजी भेजी गई है।
-सौमित्र यादव, एसएसपी