बदायूं। मनरेगा के भुगतान में गड़बड़ी पर डीएम ने जांच बैठा दी है। कादरचौक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरकी मजरा लोकी नगला के प्रधान के पति व सचिव ने मनरेगा में गांव की अधिकांश महिलाओं के फर्जी तरीके से जॉब कार्ड बनाकर करीब 10 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान कर दिया था। इस मामले का डीएम ने संज्ञान लिया है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
गांव के रहने वाले अवधेश ने आरोप लगाया कि सचिव व प्रधान के पति की मिलीभगत से गांव के 32 लोगों के फर्जी तरीके से जॉब कार्ड बनाए गए। अजय के जॉब कार्ड से 34802 रुपये,नवभारत के नाम से 80822 रुपये, चंद्रमुखी के नाम से 44872 रुपये, दीपक के नाम से सफाई कर्मचारी व मनरेगा से एक ही दिन में दो जगह से रुपये निकाले गए हैं। इसी तरह कई और लोग शामिल हैं। जिनके नाम से रुपयों का भुगतान किया गया है। शिकायत पर डीएम ने जांच शुरू करा दी है।
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रोजगार सेवक गलत तरीके से गांव में तैनात है। भाई की पत्नी के प्रधान बनने के बाद रोजगार सेवक को हटा देना चाहिए। जल्द ही रोजगार सेवक को हटा दिया जाएगा। बाकी जांच भी जल्द पूरी कर उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
सर्वज्ञ अग्रवाल, विकास खंड अधिकारी, कादरचौक