जिलाधिकारी ने खुद गोद लिए तहसील सदर के ग्राम पड़ौआ पहुंचकर आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज और अन्य कुपोषित बच्चों के संबंध में जानकारी ली। वहीं उन्होंने बच्चों को फलों का वितरण किया। गांव में कुल आठ बच्चे कुपोषित हैं। उन्होंने सभी बच्चों की माताओं को बुलाकर उन्हें समझाया। बाल विकास की डीपीओ निर्मल शर्मा ने कुपोषित बच्चों को शीघ्र पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए।
दोनों आंगनबाड़ी केन्द्रों में कुल 42 गर्भवती महिलाएं, छह किशोरियां और 33 धात्री महिलाएं हैं। जिलाधिकारी ने सभी को निर्धारित मानक से पुष्टाहार वितरण के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों से शीघ्र निस्तारण कराने को कहा। एमओआईसी को हिदायत दी कि सभी कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र के लिए रेफर किया जाए। केंद्र में बच्चों के इलाज के साथ ही नि:शुल्क भोजन दिया जाता है। बच्चे के साथ रहने वाले अभिभावक को सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान मिलता है। इस अवसर पर सीएमओ डाक्टर सुनील कुमार और एसडीएम सदर प्रदीप कुमार यादव मौजूद रहे।
तो 15 दिनों में खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा पड़ौआ
- डीएम ने ग्राम प्रधान समेत ग्रामीणों को दिलाई शपथ
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। तहसील सदर के गांव पड़ौआ को पंद्रह दिन में खुले में शौच जाने से मुक्त कराया जाएगा। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने गांव के सभी महिला-पुरुषों को गांव के प्राथमिक विद्यालय में एकत्र कर उनको शपथ दिलाई कि वे न तो खुद खुले में शौच जाएंगे और न किसी को जाने देंगे। बच्चों से कहा कि वे भी अपने माता पिता से कहकर अपने-अपने घरों में शौचालयों का निर्माण अवश्य कराएं।
डीएम ने राज्य पोषण मिशन के तहत इस गांव को गोद लिया है। उन्होंने गंदगी से होने वाले नुकसान और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों की जानकारी दी। ग्राम प्रधान अंजली सागर और उनके पति प्रेम शंकर की मौजूदगी में सभी गांववासियों ने शपथ ली। कहा कि निर्धनों के शौचालय जिला प्रशासन बनवाएगा। जिन लोगों की आर्थिक स्थित ठीक हैं, वे स्वयं शौचालय का निर्माण कराएं। गांव को खुले में शौच से मुक्त कराने में सहयोग करें। इस अवसर पर प्रभारी डीपीआरओ राजेश यादव, आजीविका मिशन के उपायुक्त आरपी सिंह, बीएसए प्रेम शंकर यादव आदि मौजूद रहे।