अमर उजाला में चार सतिंबर को छपी खबर।
उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर की मुख्य सड़क पर लगे इंटरलॉकिंग के पैबंद उखड़ जाने के मामले का डीएम निधि श्रीवास्तव ने संज्ञान लेते हुए चिकित्साधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों समेत मरीजों को भी सड़क की दशा सुधरने की उम्मीद जगी है।
उझानी में अस्पताल परिसर में खासकर मुख्य द्वार के आसपास सड़क दो-तीन साल पहले उखड़ गई थी। पिछले दिनों स्थानीय कर्मचारियों ने मरीजों और एंबुलेंस चालकों की दिक्कत के मद्देनजर सड़क के गड्ढों पर इंटरलॉकिंग ईंट के पैबंद लगा दिए थे। बारिश के दौरान जब पैबंदों ने जवाब दे दिया तो मरीजों समेत गर्भवती महिलाओं की परेशानी फिर बढ़ गई।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम निधि श्रीवास्तव ने इसका संज्ञान लिया। डीएम ने इसे लेकर चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकुमार गंगवार से रिपोर्ट मांग ली। बकौल गंगवार- जवाब में मरीजों की दिक्कतें बयां करते हुए उन्हें हकीकत से अवगत करा दिया है। लिखा है कि सड़क के जीर्णोंद्धार या फिर उसकी मरम्मत के लिए स्थानीय स्तर पर फंड की व्यवस्था नहीं है। बता दें कि अस्पताल की यही खस्ताहाल सड़क पूरे परिसर को जोड़ते हुए महिला ओपीडी के सामने वाले दूसरे द्वार को भी जोड़ती है।
प्रसव कक्ष के पास तीमारदारों की आवाजाही पर रोक
जिला अस्पताल की तरह ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पूर्व सैनिकों के रूप में यहां भी पांच सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। स्थानीय स्तर की व्यवस्था के तहत उन्हें प्रसव कक्ष की गैलरी के पास और दूसरी तरफ चिकित्साधीक्षक कक्ष के छोर पर तैनात किया गया है। सुरक्षा गार्डों के जरिये प्रसव कक्ष के पास और गैलरी में मरीजों के तीमारदारों की अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पांच सुरक्षा गार्ड आठ- आठ घंटे की शिफ्ट बनाकर ड्यूटी करेंगे।