आईजीआरएस के मामलों में 136 शिकायतें लंबित पाईं
चुनाव निपटने के बाद सुस्त बैठे कई विभागों के अफसरों को सक्रिय करने के लिए डीएम पवन कुमार ने जोर का झटका दिया है। जनसमस्याओं के निस्तारण की समीक्षा में 136 शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 22 विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों का डीएम ने वेतन रोक दिया है। उनका जवाब तलब भी किया गया है।
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के मामलों में विभिन्न स्तरों से ऑनलाइन प्राप्त होने वाली 136 शिकायतें जिला स्तरीय अधिकारियों के स्तर पर निस्तारण करने के बजाय लंबित पाई गईं। डीएम पवन कुमार ने इसको गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को चेताया है। उन्होंने कहा है कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने बताया कि अक्तूबर, 2016 में अधिकतर शिकायतों का निर्धारित अवधि में निस्तारण किए जाने पर बदायूं जिले को प्रदेश स्तर पर चौथा स्थान हासिल हुआ था। इसको बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने माना कि चुनाव कार्यों के कारण अधिकारी व्यस्त रहे लेकिन कहा कि जन सुनवाई के प्रकरण के निस्तारण में कोई लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। जो लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुधार न होने पर कार्रवाई की संस्तुति शासन को कर दी जाएगी।
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इन अधिकारियों के स्तर लंबित मिलीं शिकायतें
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली के तहत सबसे अधिक शिकायतें ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक आरपी सिंह के स्तर पर 93, जिला समाज कल्याण अधिकारी नरेंद्रपाल सिंह यादव आठ, जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह छह, उपायुक्त मनरेगा जय सिंह यादव, अपर जिलाधिकारी प्रशासन के स्तर पर चार-चार, परियोजना अधिकारी डूडा बीबी सिंह, उप जिलाधिकारी बिल्सी विधान जायसवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नेमी चंद्रा और जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार के स्तर पर दो-दो एवं जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, समन्वयक एसबीआई, उप निदेशक कृृषि प्रसार आरपी चौधरी, ईओ बदायूं, लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, बीडीओ इस्लामनगर, उद्योग केंद्र के उपायुक्त वीरेंद्र कुमार, एलडीएम अनुराग कुमार, एसडीएम दातागंज हरीराम यादव, आसफपुर स्थित क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के प्राचार्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रेमचंद्र यादव एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जहीर अब्बास के स्तर पर एक-एक शिकायत निस्तारण के लिए लंबित पाई गईं।