भागवत कथा के दौरान पथराव और फायरिंग के बाद हुए बवाल के दूसरे दिन दियूनी गांव में शांति रही। दोनों समुदाय के लोग अधिकांश अपने मोहल्ले तक ही सीमित रहे। पुलिस की मौजूदगी में भागवत कथा अपने निर्धारित समय से शुरू हुई।
बता देें कि दियूनी गांव में रविवार को भागवत कथा के दौरान दूसरे समुदाय द्वारा पथराव करने और बाद में फायरिंग होने के बाद बवाल हो गया था। पुलिस ने मशक्कत करके मामला शांत कराया था। घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। नौ दिवसीय कथा का घटना वाले दिन सातवां दिन था। एसडीएम और सीओ ने रात में ही दोनों समुदायों के मुखिया से वार्ता करके मामले को काफी हद तक सुलझा दिया। सोमवार को आशंकाओं के चलते पुलिस की मौजूदगी में भागवत कथा निर्धारित समय से शुरू हुई। कथा स्थल पर और दिनों की अपेक्षा आज भी भीड़भाड़ ज्यादा रही। गांव में जगह-जगह लोग एकत्र होकर वार्तालाप करते रहे। दोनों समुदायों के अधिकांश लोग अपने ही मोहल्ले तक सीमित रहे, अलबत्ता गांव में पूरी तरह से शांति रही। कोतवाल वीरपाल सिरोही फोर्स के साथ कथा स्थल के आसपास रहे।
नई परंपरा को लेकर होता रहा है विवाद
दातागंज। दियूनी गांव के प्रधानपति राजवीर के मुताबिक कब्रिस्तान की जमीन और नई धार्मिक परंपरा को लेकर पिछले छह माह से गांव का माहौल खराब चल रहा है। गांव में 16 बीघा बंजर जमीन पड़ी है। इसी में चार बीघा कब्रिस्तान की जमीन है लेकिन कब्रिस्तान चिह्ति नहीं है। दुर्गा मंदिर के निकट आबादी के किनारे मुर्दा दफन करने और नई धार्मिक परंपरा डालने को लेकर तीन माह पूर्व गांव वालों ने एसडीएम से शिकायत की थी। पुलिस ने गांव आकर उस समय विवाद की जड़ लाउडस्पीकर को बंद करा दिया था लेकिन बाद में फिर बजाने लगे। प्रशासन का दबाव बनते ही बंद कर देते हैं। जहां शव दफनाते है वह जगह कागजों में नाला के लिए दर्ज है। प्रशासन कब्रिस्तान की जगह चिह्नित कर दे और नई परंपरा धार्मिक परंपरा न डालने की कड़ाई से मना कर दे तो विवाद निपट जाए।
चार को होगा भंडारा
दातागंज। दियूनी गांव के दुर्गा मंदिर के पुजारी रामसरन और कथा के आयोजक जग्गू पाली ने बताया कि चार फरवरी को भंडारा और पांच फरवरी को कलश यात्रा निकलेगी। बताया कि पथराव और फायरिंग की घटना से कोई विचलित नहीं है।
कोतवाल सहित गांव वाले बता रहे पेशबंदी
दातागंज। अल्पसंख्यक समुदाय के सिराजउद्दीन और जहीरउद्दीन का आरोप है कि उनके मोहल्ले में मेंहदी हसन के घर पर धार्मिक आयोजन चल रहा था। इसमें दूसरे समुदाय ने पथराव किया, जिससे डीजे क्षतिग्रस्त हो गया। फायर भी पहले दूसरे पक्ष की तरफ से हुए बाद में इधर से भी फायर हुए। इस आरोप को कोतवाल समेत गांव वाले पेशबंदी करना बता रहे हैं।
बाहरी तत्वों की कारस्तानी तो नहीं...
दातागंज। भागवत कथा के दौरान फायरिंग और पथराव की घटना में दोनों पक्ष बाहरी तत्वों की कारस्तानी मान रहे हैं। मिश्रित आबादी वाले गांव में तनाव होने के बाद भी स्थानीय व्यक्ति धार्मिक आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करेंगे, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
करीब तीन हजार की आबादी वाले दियूनी ग्राम पंचायत में अल्पसंख्यक करीब 25 फीसदी ही है। एक वर्ग का आरोप है कि कुछ समय से बाहरी लोगों का हस्तक्षेप बढ़ने से दोनों समुदायों में दूरियां बढ़ी है। इसके बाद भी एक दूसरे पर हमलावर होने का साहस किसी पक्ष में नहीं है। कथा में व्यावधान और गांव में दहशत फैलाने में बाहरी तत्वों की भूमिका को दोनों ही पक्ष स्वीकार रहे हैं। पूर्व प्रधान और कथा के संयोजक जग्गू पाली ने बताया कि चौकी पुलिस जल्दी आ गई, जिससे माहौल बिगाड़ने वालों के मंसूबे पूरे नहीं हुए।
वार्ता बाद निकाला जाएगा स्थायी हल: एसडीएम
दातागंज। दियूनी गांव पिछले चार पांच माह से तनाव होने की बात प्रशासन मान रहा है। ईद और बारावफात के मौके पर दोनों पक्षों के 50-50 लोगों को मुचलकों पर पाबंद भी किया गया। एसडीएम ओपी तिवारी ने बताया कि माहौल शांत होने के बाद दोनों पक्षों से वार्ता करके समस्या का स्थायी हल निकाला जाएगा।