फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: बदायूं के इस गांव में नमाज पढ़ने पर विवाद, आमने-सामने आए दो समुदाय के लोग, तनाव

Thu, 19 Dec 2024 05:55 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के बिसौली थाना क्षेत्र के गांव नागपुर में समुदाय विशेष का कोई धर्मस्थल नहीं है। आरोप है कि इस समुदाय के लोगों ने खाली मकान को धर्मस्थल का रूप दे दिया और सामूहिक रूप से नमाज अदा करने लगे थे। यह मामला बृहस्पतिवार को तूल पकड़ गया। 
विज्ञापन
थाने में दो पक्षों से बात करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं के कोतवाली बिसौली क्षेत्र के गांव नागपुर में नमाज पढ़ने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के लोगों ने खाली मकान में पहले मदरसा बनाया, फिर उसे धर्मस्थल का रूप दे दिया। इसमें नमाज अदा करने लगे। इसका विरोध करते हुए गांव के लोगों ने बृहस्पतिवार को हंगामा कर दिया। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के चलते गांव में तनाव फैल गया। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों समुदायों के लोगों को कोवताली बुला लिया। यहां पर एसडीएम, सीओ और तहसील भी पहुंच गए। तय हुआ की गांव में नमाज अदा नहीं की जाएगी। मदरसा चलाने पर भी रोक लगा दी गई है। 

विज्ञापन


गांव नागपुर में दूसरे समुदाय का धर्मस्थल नहीं है। गांव में एक मकान खाली है। इसमें कुछ माह पहले मदरसा बना दिया गया। यहां पर बच्चों को तालीम दी जाने लगी। आरोप है कि मदरसे के बाद उसी भवन को धर्मस्थल का रूप दे दिया गया। सामूहिक रूप से नमाज अदा की जाने लगी, जिसका दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध करना तो पहले से ही शुरू कर दिया था, लेकिन मामले ने तूल बृहस्पतिवार को दोपहर पकड़ा। 

विज्ञापन

पुलिस ने लोगों को कराया शांत 
बृहस्पतिवार दोपहर कुछ लोग नमाज अदा करने के लिए मकान की तरफ चले तो गांव के लोगों ने इसका विरोध करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। इससे गांव में तनाव फैल गया। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। इसके बाद दोनों समुदाय के लोगों को बिसौली कोतवाली बुला लिया। जानकारी के बाद एसडीएम राशी कृष्णा, सीओ सुनील कुमार, तहसीलदार विजय शुक्ला भी पहुंच गए। 

अधिकारियों ने दोनों समुदायों के लोगों की बात सुनने के बाद तय किया कि गांव में कोई भी सामूहिक रूप से नमाज अदा नहीं करेगा। न ही घर में मदरसा चलेगा। मदरसा चलाने के लिए अनुमति ले। अगर किसी ने सामूहिक रूप से नमाज अदा करने की कोशिश की तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद दोनों समुदायों के लोगों को पुलिस ने गांव में भेज दिया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें