प्रदेश सरकार की अनुदान आधारित नि:शुल्क बोरिंग योजना
लघु सिंचाई विभाग की ओर से प्रदेश सरकार की अनुदान आधारित नि:शुल्क बोरिंग योजना के तहत किसानों के खेतों में पानी के लिए बनवाए गए कई नलकूप बोरिंग से गंदा पानी निकल रहा है।
गौरामई गांव के इमरान नलकूप बोरिंग से गंदा पानी आने की शिकायत लेकर सोमवार को विकास भवन स्थित लघु सिंचाई विभाग के दफ्तर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके गांव में हुए बोरिंग से गंदा पानी आता है। यह पानी पीने लायक नहीं है। उन्होंने बताया कि जब से बोरिंग लगा है, तभी से उसमें गंदा पानी आ रहा है। लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता कामेंद्र सिंह का कहना है कि हो सकता है कि कुछ नलकूप के बोरिंग से गंदा पानी आ रहा हो। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जाली लगाकर ये बोरिंग किए जाते हैं। यह जाली बजरी से ढकी जाती है। उन्होंने बताया कि वैसे भी ये बोरिंग सिंचाई के लिए होते हैं, पीने के लिए नहीं फिर भी अगर शिकायतें आती हैं तो उसका निस्तारण कराया जाएगा।
लक्ष्य अधूरा
जिले को चालू वित्तीय वर्ष में लघु सिंचाई विभाग की ओर से नलकूप वाले 15-15 मध्यम और गहरे बोरिंग का लक्ष्य हासिल हुआ था। शासन से प्रत्येक गहरे बोरिंग के लिए एक लाख 78 हजार रुपये और प्रत्येक मध्यम बोरिंग के लिए एक लाख 53 हजार रुपये दिए गए, लेकिन लघु सिंचाई विभाग ने जिले में अब तक सिर्फ 19 बोरिंग ही किए हैं। जेई कामेंद्र सिंह का कहना है कि बाकी बोरिंग करने का काम चल रहा है, जो मार्च माह तक पूरा हो जाएगा।