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बदायूं में दो बार आए दिलीप कुमार, एकता का दिया था पैगाम

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बदायूं। ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर सिने अभिनेता दिलीप कुमार के निधन से उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। दिलीप कुमार का बदायूं शहर से भी जुड़ाव रहा। वह यहां दो बार आए थे। एक बार तत्कालीन चेयरमैन शब्बीर हसन खां के बुलावे पर वह बदायूं आए और एक बार पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी की चुनावी जनसभा में प्रचार के लिए वह यहां आए। गांधी ग्राउंड की सभा में उन्होंने हिंदू मुस्लिम एकता का पैगाम दिया था।
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सपा के पूर्व नगर अध्यक्ष तनवीर हसन खां बताते हैं कि उनके पिता शब्बीर हसन खां वर्ष 1973-74 में शहर पालिका के अध्यक्ष थे। तब नगर पालिका में अखिल भारतीय स्तर का मुशायरा हुआ था। उनके पिता व बदायूं से जुड़े दूसरे शायरों के प्रयास से तब के सुपरस्टार दिलीप कुमार बदायूं आए थे। उन्होंने मुशायरे की अध्यक्षा की थी। बदायूं को सूफी संतों की सरजमीं बताया और आपसी प्रेम व सद्भाव बढ़ाने की बात कही।
सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष मोहम्मद मियां ने एक तस्वीर साझा करते हुए दिलीप कुमार को याद किया। बताया कि तस्वीर वर्ष 1996 की है। जब सलीम इकबाल शेरवानी समाजवादी पार्टी से बदायूं लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे। उनके समर्थन में सभा करने के लिए अभिनेता दिलीप कुमार गांधी ग्राउंड आए थे। उन्होंने कहा था कि वह देश के सेकुलर लोगों के लिए चुनाव लड़ाने निकले हैं। उन्हें किसी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। देश में भाईचारा और अमनचैन बना रहे, यही उनकी इच्छा है। इसके बाद दिलीप कुमार रामपुर में बेगम नूरबानो के लिए चुनाव प्रचार करने निकल गए थे। मोहम्मद मियां कहते हैं कि सरल स्वभाव के मिलनसार अभिनेता की हमेशा याद आती रहेगी।
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