बदायूं। सलीम इकबाल शेरवानी और आबिद रजा ने बुधवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की सियासी कर्मभूमि पर अपनी सियासी ताकत अंदाजा लगाने सभा की। मुलायम सिंह यादव 1996 में सहसवान से सपा के विधायक रहे थे। उम्मीद तो यह की जा रही थी कि सियासी दिग्गज सलीम इकबाल शेरवानी और आबिद रजा अपनी भविष्य की सियासत को लेकर मत स्पष्ट करेंगे लेकिन उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले। सेक्युलर फ्रंट के पहले आयोजन में सिर्फ मतदाता की नब्ज टटोली।
आबिद रजा खां ने खुद को मुसलमानों का सच्चा रहनुमा बताकर सपा पर सियासी हमला बोला। बोले- वोट तो लेते रहे पर सियासी हिस्सेदारी नहीं दी। बसपा, कांग्रेस को भी नहीं छोड़ा। सियासी तीर भाजपा पर भी चलाए पर सार में यही कहा कि हमें आप इतनी ताकत दीजिए कि राजनीतिक दल हमसे बात करने के लिए मजबूर हो जाएं। सलीम इकबाल शेरवानी ने खुद को सेक्युलर ताकत बताकर कहा कि वे सबके लिए काम करते रहे हैं। आगे भी करेंगे। दोनो नेताओं ने सपा के एमवाई फामूले पर घेरा। बोले-एम का मतलब मुसलमान और वाई का मतलब यादव होता था अब इसे अखिलेश यादव ने बदल कर महिला और युवा कर दिया है।