बाबुओं की कार्यप्रणाली से किरकिरी करा चुका बीएसए कार्यालय के बाद अब डीआईओएस दफ्तर भी इसी राह पर चल पड़ा है। यहां भी आए दिन कोई न कोई विवाद का माहौल रहता है। वहीं शनिवार को दो बाबुओं के बीच जमकर कहासुनी हो गई। इतना ही नहीं फोन पर काफी देर तक धमकी का दौर भी चला। मामला इतना बिगड़ा कि बाबू को ढूंढने के लिए दफ्तर के एक बाबू का करीबी भी पहुंच गया, लेकिन तब तक धमकी देने वाला बाबू कार्यालय से जा चुका था। इसे लेकर दफ्तर में चर्चा का माहौल बना रहा। मामला दोपहर का है। मान्यता पटल से जुड़े बाबू किसी प्रकरण को लेकर बरेली गए थे। इसी बीच यहां से ट्रांसफर हो चुके बाबू किसी स्कूल की मान्यता की सिफारिश को लेकर बदायूं कार्यालय पहुंचे लेकिन मान्यता का पटल देख रहे बाबू के न मिलने पर फोन पर फाइल पूरी करने की बात कहीं। इस पर पटल सहायक ने बताया कि संबंधित फाइल तैयार है। इसकी जांच अधिकारी द्वारा जांच आख्या आना बाकी है। इसके बाद अगली प्रक्रिया तैयार कर दी जाएगी। विभागीय लोग बताते हैं कि बस इतनी बात पर फोन पर बाबू, पटल सहायक को जोर-जोर से चिल्लाते हुए धमकी देने लगा। आरोप है कि फोन पर ही उसे देख लेने की धमकी देने के साथ ही मान्यताओं की जांच कराने की भी बात कहने लगा। इस पर पटल सहायक बाबू ने भी गुस्सा होते हुए अपने करीबी को पूरा प्रकरण बता दिया। जो बाबू को ढूंढता हुआ दफ्तर पहुंचा लेकिन तब तक बाबू वहां से चला गया। पटल सहायक ने बताया कि रुदायन स्थित एक स्कूल की मान्यता के लिए बाबू लगातार दबाव बना रहा है। शनिवार को वह बदायूं कार्यालय आ गया। जबकि वो बरेली थे। बताया कि बाबू ने ट्रंासफर कराने की भी धमकी दी। हालांकि इस प्रकरण पर जब डीआईओएस से पूछा तो उन्होंने इसके बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया।
काफी घनिष्ठ संबंध भी बताए जाते हैं
इस मामले के बाद पूरे दफ्तर में चर्चा का माहौल बन गया। विभागीय कर्मियों ने बताया कि दोनों बाबुओं के बीच काफी घनिष्ठ संबंध भी थे। जो शनिवार को काफी जुदा नजर आए।