एमओआईसी के निलंबन का प्रमुख सचिव को भेजा जाएगा पत्र
डीएम ने मिशन इंद्र धनुष समीक्षा में प्रतिरक्षण अधिकारी को भी लगाई फटकार
मिशन इंद्रधनुष में घोर लापरवाही बरतने और बिना अनुमति बैठक से फरार रहने के कारण जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने कड़ी नाराजगी जताई। दहगवां सीएचसी के एमओआईसी डॉ. राकेश रोशन के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने और उनके निलंबन को स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भिजवाने के निर्देश दिए। यही नहीं सीएचसी दहगवां पर तैनात अन्य स्टाफ के वेतन आहरण पर भी रोक लगा दी है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने विकास भवन सभाकक्ष में मिशन इंद्रधनुष की समीक्षा की। सात से 14 जुलाई के मध्य मिशन के तहत टीबी, टिटनिश, पोलियो, गलाघोटू, कालीखासी, पीलिया, खसरा और निमोनिया आदि की रोकथाम को टीकाकरण किया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन हरित और सभी एमओओईसी की शिथिलता के कारण प्रदेश स्तर पर जिला अंतिम दस जिलों में शामिल है। जिलाधिकारी द्वारा गत बैठक में दिए गए निर्देशों के बावजूद भी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी द्वारा सबसे खराब और सबसे अच्छी प्रगति वाले चिकित्सकों का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत नहीं किया। कड़ी नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले किसी भी एमओआईसी, आगंनबाड़ी कार्यकत्री, आशा वर्कर और एएनएम के साथ रियायत नहीं बरती जाए। दोषी पाए जाने पर एएनएम की सेवाएं समाप्त की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नवचयनित एएनएम की रिक्त स्थानों पर शीघ्र तैनाती कर दी जाए। इस अवसर पर सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया, डीडीओ संतोष कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. सुनील कुमार और एसीएमओ डॉ.नरेंद्र कुमार सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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वजीरगंज और कादरचौक की हुई सराहना
बदायूं। समीक्षा के दौरान एमओआईसी सहसवान, बिनावर एवं म्याऊं की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर डीएम ने चेतावनी दी वहीं दूसरी ओर वजीरगंज और कादरचौक के एमओआईसी की प्रगति बेहतर पाए जाने पर चिकित्सकों की सराहना की।