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त्योहारी बाजार में खरीदारी की धूम, धनतेरस पर धन के साथ बरसेंगी खुशियां

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बदायूं। पंचोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। पांच दिन तक त्योहारों की धूम रहेगी। पहले दिन धनतेरस से पूर्व गुरुवार को बाजार में जमकर भीड़ उमड़ी। खील-खिलौनों और बताशों से बाजार सजा रहा, साथ ही झाड़ू और सूप की भी खरीदारी हुई। परंपरागत तौर पर इन चीजों की मान्यता है। धनतेरस पर जहां झाड़ू खरीदने की परंपरा आज भी कायम है वहीं नरक चतुर्दशी के लिए सूप की बिक्री भी काफी होती है। दीपावली पर श्री लक्ष्मी-गणेश का पूजन किया जाता है सो बाजार में एक से बढ़कर एक मूर्तियां भी मिल रहीं हैं।
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शहर के हलवाई बाजार से नेहरू चौक तक दर्जनों दुकानें सजी हैं। माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की खूब खरीद हो रही है। कुम्हार जगह-जगह मिट्टी के दीयों की दुकानें सजाकर बैठे हैं। भले ही चाइनीज दीयों और मोमबत्तियों ने बाजार में अपना कब्जा जमा लिया हो, लेकिन मिट्टी के दीयों की मांग भी कम नहीं है। भीड़भाड़ की वजह से लोग सुबह जल्द निकलना पसंद कर रहे हैं, जिससे समय से खरीदारी करके भीड़ से बच जाएं।
दीपावली पर श्री लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए मिट्टी के दीयों में सरसों का तेल भरा जाता है। उन्हें जलाकर पूजा की जाती है। इसके बाद दीयों को पूरे घर में रखकर रोशन किया जाता है। इस बार बाजार में 70 रुपये के सौ दीये बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा रंगीन डिजाइन वाले दीये भी हैं। कुम्हारों का कहना है आधुनिक युग के साथ लोग बदल रहे हैं। मोमबत्ती और इलेक्ट्रॉनिक झालरों का ज्यादा उपयोग हो रहा है। बाजार में डिजाइन वाले रंगीन दीये भी आ गए हैं। साधन न होने की वजह से डिजाइन वाले दीये बनाने में दिक्कत आती है, फिर भी ग्रामीण क्षेत्र के लोग मिट्टी के दीये ज्यादा खरीदते हैं।
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दिन-रात चल रहा खिलौने बनाने का काम
दीपावली रविवार को है। बताशे, चीनी वाले खिलौने, खीलें और मुरमुरों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में हलवाइयों के यहां दिन-रात खिलौने-बताशे बनाने का काम तेजी से चल रहा है। चीनी वाले खिलौनों में चांद तारे, हाथी, घोड़ा, ऊंट, मोर, फूल आदि आकृति के खिलौने बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा बताशे भी खूब बन रहे हैं। बाजार में खिलौने और बताशे 60 रुपये किलो बिक रहे हैं, वहीं खील 70 रुपये किलो बेची जा रही है। परमल (मुरमुरा) सफेद 70 रुपये किलो और पीला वाला 60 रुपये किलो बिक रहा है। इसके अलावा लोग पूजन सामग्री की भी खरीदारी करने में जुटे हैं।

140 रुपये किलो तक बिक रही मोमबत्ती
पहले के समय में दीपावली के दिन लोग घरों में सरसों के तेल के दीये जलाते थे, लेकिन समय बदलता गया और लोग मोमबत्ती और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर आ गए। अब लोग दीयों को कम पसंद करते हैं। यही वजह है कि अब बाजार में सबसे अधिक संख्या में मोमबत्ती बेचने वालों के फड़ लगे हैं। इस बार बाजार में आगरा के अलावा कासगंज की मोमबत्ती उपलब्ध हैं। आगरा की मोमबत्ती मजबूत हैं। बाजार में मोमबत्ती 140 रुपये किलो तक बिक रही है। इसके अलावा पीस के हिसाब से भी बिक्री हो रही है।

शाम सात बजकर आठ मिनट के बाद पूजन का मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पंडित गिरीश ने बताया कि धन त्रयोदशी का मुहूर्त शाम सात बजकर आठ बजे के बाद का है। ये पर्व प्रदोष व्यापिनी काल में त्रयोदशी को मनाया जाता है यह तिथि इस दिन शाम को 7:08 पर शुरू होगी, तब यह त्योहार मनाना शुभ रहेगा। इस दिन कुबेर पूजन का भी विधान है। भगवान कुबेर देवताओं के धन अध्यक्ष हैं इनके पूजन से नाना प्रकार की धन संपत्ति प्राप्त होती है लेकिन जो लोग स्वस्थ नहीं है उनको धन बेकार है इसलिए इनके साथ ही देवताओं के वैद्य धनवंतरि की भी पूजा का विधान है।

सोना, चांदी, पीतल, तांबा, कांसा की बनी वस्तुओं की खरीदारी शुभ
वास्तु विशेषज्ञ मोहिनी बोहरा बताती हैं कि वास्तु विज्ञान के अनुसार धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल, तांबा, कांसा आदि की बनी वस्तुओं की खरीदारी शुभ माना जाता है। झाड़ू खरीदना भी शुभ रहता है। धनतेरस के शाब्दिक अर्थ के बारे में मान्यता है कि इस दिन खरीदे गए धन (सोना, चांदी आदि) में 13 गुना वृद्धि हो जाती है।

आज से बाजार में रहेगी ऑटो, ई-रिक्शा की नोएंट्री
दीपावली पर बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नोएंट्री कर दी गई है। शुक्रवार सुबह से बाजार में किसी ऑटो या ई-रिक्शा को नहीं जाने दिया जाएगा। छह सड़का से लेकर घंटाघर की ओर पहले से नोएंट्री जोन है। शुक्रवार सुबह से इधर से कोई वाहन बाजार की ओर प्रवेश नहीं कर सकेगा, तो वहीं खंड़सारी मोहल्ले से सराफा मार्केट की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। इधर, टिकटगंज चौराहा से कोई ऑटो या ई-रिक्शा बाजार में नहीं जाएगा। उन्हें चौराहे पर ही रोक लिया जाएगा। गोपाल टॉकीज की ओर से आने वाले वाहन शहबाजपुर या पथिक चौक की ओर जा सकते हैं। इधर, गोपी चौक से किसी वाहन को शहर में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। यह व्यवस्था त्योहार पर बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर की गई है ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। चौराहों पर पुलिस व होमगार्डों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
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