कथा सुनने को पहुंची महिलाएं व पुरुष। संवाद
बिसौली। शिव शक्ति धाम लक्ष्मी नारायण मंदिर हतसा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचिका देवी अंबिका ने रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा व्यास ने कहा कि रुक्मिणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थीं।
कृष्ण सुदामा मिलन की कथा का वर्णन करते हुए व्यास ने कहा कि पति यदि धन, संपत्ति, सुख, सुविधा दे और पत्नी ऐसे पति की सेवा करे तो इसमें आश्चर्य क्या है। धन्य है सुदामा की पत्नी सुशीला, जिन्होंने भूखे रहकर भी दरिद्र पति को भी परमेश्वर मानकर सेवा करती रही। भगवान श्री कृष्ण, जो संपत्ति कुबेर के पास भी नहीं है उसे सुदामा को दिया। सारा विश्व श्रीकृष्ण का वंदन करता है और वे एक दरिद्र ब्राह्मण और उनकी पत्नी सुदामा का वंदन करते हैं। कथा को विश्राम देते हुए कथा व्यास ने कहा कि सतकर्म का कोई अंत नही, कथा सुनकर जीवन में उतारोगे तो ही श्रवण सार्थक होगा। भगवान कृष्ण व रुक्मिणीका विवाह होते ही पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस अवसर पर श्रीनिवास शंखधार, सत्यनारायण शर्मा, सुरेंद्र एडवोकेट, रामेंद्र मास्टर, सतपाल, मुकेश मिश्रा आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।