शारदीय नवरात्र के पहले दिन देवी दर्शन के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर की प्रमुख देवी शक्तिपीठ नगला मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। मंदिर में दिनभर भक्तों की कतारें लगा रहीं। पहले दिन देवी शक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा हुई। मंदिरों में दिन भर पूजा अर्चना का सिलसिला चला। शाम को देवी का विशेष शृंगार और आरती की गई। नवरात्र के पहले दिन देवी शक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की आराधना होती है। मान्यता है कि देवी राजा दक्ष की पुत्री थीं। एक बार राजा दक्ष ने यज्ञ किया। इसमें उन्होंने देवी के पति भगवान शंकर को आमंत्रित नहीं किया। इससे अपमानित होकर देवी ने खुद को अग्निकुंड में भस्म कर लिया। इसके बाद भगवान शिव ने तांडव किया। देवी शैलपुत्री को सौभाग्य और प्रकृति और आयु की देवी माना जाता है। नवरात्र के पहले दिन उपवास रखकर शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। मंदिरों में भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए।