क्षेत्र के गांव कलुआ नगला, लक्ष्मण नगला, कुढ़ाशाहपुर, रमजानपुर सहित कई गांव संक्रामक बीमारियों की जद में आग गए हैं। कादरचौक सीएचसी पर मरीजों की लाइनें लग रही हैं। गदंगी और मच्छरजनित बीमारियां लोगों की जान लेने लगी हैं। सरफुद्दी नगला में शुक्रवार को बुखार से हुकुम सिंह की मौत हो गई। कलुआ नगला में अंकित, सचिन, शेर सिंह, विद्यावती, कमला, सीमा, मंजू, पूनम, अरविंद, श्रीपाल, मीनू, अतरकली, सिमरन, राजपाल, सुनीता, सपना, विमलेश आदि लोग बुखार की चपेट में हैं। रमजानपुर, लक्ष्मण नगला, कुढ़ाशाहपुर में भी दर्जनों लोग संक्रामक बीमारियों से जूझ रहे हैं।
ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
कादरचौक। सीएचसी की ओपीडी में औसतन रोज मरीजों की संख्या 40 से 50 तक रहती है। शनिवार को यह संख्या 300 के पार हो गई। इससे सीएचसी पर दवाओं की किल्लत हो गई है। कादरचौक सीएचसी के इलाके में करीब 200 गांव आते हैं। इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
सावधानी बरतें ग्रामीण
कादरचौक। सीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण गंगवार ने कहा कि यह बीमारियों का सीजन है। स्वस्थ रखने के लिए बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। जिले में मच्छरजनित बीमारियां का प्रकोप है। कुछ सावधानी बरत कर इनसे बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में संक्रामक रोग फैलने की खबर है। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें कैंप कर रही हैं।