एक सप्ताह से चल रहा था हेम सिंह का इलाज
कस्बे में दर्जनों लोग संक्रामक बुखार की चपेट में
जिले में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। नगर पंचायत के सभासद हेम सिंह की बरेली के एक अस्पताल में शनिवार को मौत हो गई। वह डेंगू से पीड़ित थे। एक सप्ताह से इलाज चल रहा था। अब तक जिले में करीब 60 लोगों की बुखार और डेंगू से मौत हो चुकी है।
अगस्त के पहले सप्ताह में जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप शुरू होने के साथ ही मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। कादरचौक, जगत, सालारपुर, ककराला, अलापुर समेत दहगवां और सहसवान इलाकों को भी बुखार ने जकड़ लिया। अलापुर कस्बे के वार्ड नंबर तीन निवासी हेम सिंह (45) पुत्र रामस्वरूप नगर पंचायत सदस्य थे। उनको पिछले सप्ताह बुखार आया था। स्थानीय डॉक्टर से इलाज में लाभ न होने पर परिवार वालों ने हेम सिंह को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टर ने उनको डेंगू होने की पुष्टि की। हेम सिंह की बहन रामबेटी की भी 18 सितंबर को बुखार से मौत हो गई थी। कस्बे में दो दर्जन से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं।
बुखार से महिला ने दम तोड़ा
मूसाझाग। दातागंज ब्लाक के गांवों में भी बुखार का प्रकोप बना हुआ है। गांव के मलखान की पत्नी माया देवी (40) को कई दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार को माया देवी की अचानक हालत ज्यादा बिगड़ गई। परिवार वाले उनको जिला अस्पताल ला रहे थे। इससे पहले ही माया देवी ने दम तोड़ दिया। गांव में एक दर्जन से ज्यादा लोग बुखार की जद में हैं।
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जिला अस्पताल में सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी
बदायूं। जिला अस्पताल में ठेका सफाई कर्मियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। सफाई कर्मियों के काम पर न लौटने की वजह से स्थिति बदतर हो गई है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे होने से मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल परिसर को साफ-सफाई का जिम्मा निजी ठेकेदार पर है। ठेका मानक के अनुरूप यहां 42 सफाई कर्मचारी रखे जाने चाहिए। ठेकेदार कई महीने से 22 कर्मचारियों से ही काम ले रहा था। इसके विरोध में कर्मचारियों ने 21 सितंबर से हड़ताल शुरू कर दी। चार दिन से साफ-सफाई न होने की वजह से अस्पताल में नारकीय माहौल है। जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर संक्रामक रोगों को न्योता दे रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने भी अब तक सफाई की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
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कुल 30 मौत में सिर्फ चार संदिग्ध डेंगू से
बदायूं। जिले में संक्रामक बुखार से हो रही मौतों में सिर्फ चार जानें डेंगू से गई हैं। ऐसा दावा स्वास्थ्य विभाग का है। सीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने यह स्वीकार किया है। उन्होंने माना है कि अब तक जिले में करीब 30 लोगों की विभिन्न बीमारियों से मौत हुई है। जांच में सिर्फ चार को डेंगू पाया गया है। सीएमओ ने संक्रामक रोगों के लिए गंदगी को जिम्मेदार ठहराया है।
जिले के कादरचौक, सालारपुर, जगत ब्लाक के साथ कस्बा ककराला, अलापुर, म्याऊं में पिछले साल संक्रामक बुखार से करीब 180 लोगों की जान गई थी। इस साल स्वास्थ्य विभाग ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। जिले भर में अलग से 18 टीमों को लगाया गया। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल और मलेरिया विभाग भी काम कर रहा है। इसके बावजूद बुखार से मौतें हो रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों को रखा गया है, लेकिन सफाई कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। इससे गंदगी बढ़ती जा रही है।
लखनपुर में झोलाछाप के चंगुल में ग्रामीण
बदायूं। सिविल लाइंस थाने के गांव लखनपुर में संक्रामक रोगों के सीजर में ग्रामीण झोलाछाप के चंगुल में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक गांव नहीं पहुंची है। झोलाछाप इलाज के नाम पर ग्रामीणों से मोटी रकम वसूल कर रहा है। हालत ज्यादा खराब होने पर झोलाछाप मरीजों को रेफर कर देता है। कई बार मरीजों की जान पर बन जाती है।