उघैती। डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने न तो जांच में रुचि ली और न ही इलाज में। जांच कराई जा रही है तो तीन से चार मरीज ही सामने आ रहे हैं वह भी चार सौ से पांच सौ जांचों में, जबकि एक-एक गांव में दर्जनों मरीज डेंगू की चपेट में हैं, जिनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।तहसील बिल्सी के गांव सिद्ध बरौलिया में करीब 50 से अधिक मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं, जो डेंगू संक्रमित बताए गए हैं। गांव के हर घर में एक व्यक्ति बीमार है।
जिले में मच्छरजनित बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तक 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। बिल्सी तहसील के गांव सिद्ध बरौलिया में सामने आया है कि हर घर में संक्रमण से मरीज चारपाई पर है। गांव में 50 से ज्यादा लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम अभी गांव में नहीं पहुंची है। मरीजों का इलाज बिसौली और सहसवान के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। करीब 20 लोगों की हालत गंभीर होने पर उनको बरेली व मेडिकल कॉलेज भी रेफर कर दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके कारण उन्हें बिल्सी, सहसवान, बिसौली, उझानी, बदायूं और बरेली आदि जगहों में स्थित प्राइवेट डॉक्टरों के यहां अपना इलाज कराना पड़ रहा है। मंगलवार को गांव सिद्ध बरौलिया की पड़ताल की गई, जिसमें करीब 57 लोग ऐसे मिले जो डेंगू से संक्रमित हैं और अपना इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस रहस्य से अब अनजान है। इस समय कस्बा गुलडिया, इस्लामनगर के बाद अब बरौलिया में सबसे अधिक डेंगू मरीज होने की बात सामने आई है। यही हाल रहा था तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
परेशान ग्रामीणों ने बयां किया अपना दर्द
सरकारी में लाभ नहीं तो प्राइवेट में करा रहे जांच
सरकारी अस्पताल में न तो जांच ही हो पा रहीं हैं न ही इलाज मिल पा रहा है। गांव के करीब 50 से अधिक लोग डेंगू संक्रमण से पीड़ित हैं, जिनका बिसौली-सहसवान के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।- विनोद पाठक
गांव में गंदगी व्याप्त, ऐसे कैसे रुकेगा संक्रमण
गांव की गलियों में गंदगी व जलभराव है। गांव में सफाई न होने से संक्रमण फैल रहा है। इस ओर न तो ग्राम पंचायत ने ध्यान दिया न ही स्वास्थ्य विभाग ने। यही वजह है कि घर-घर में लोग बीमार हैं। प्राइवेट में जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हो रही है। -मुकेश
गांव में नहीं लगा स्वास्थ्य शिविर
जिले में भले ही स्वास्थ्य विभाग शिविर लगा रहा हो, लेकिन गांव में एक भी शिविर नहीं लगाया गया है। गांव में चाहे बुखार हो या फिर डेंगू-मलेरिया, प्राइवेट अस्पताल या फिर झोलाछाप के सहारे ही गांव के लोग हैं। सरकारी अस्पताल आस-पास नहीं है। -यादराम
प्रधान ने कराई फॉगिंग, फिर भी फैल रहा डेंगू
स्वास्थ्य विभाग ने लाखों रुपये फॉगिंग में खर्च कर डाले, बावजूद इसके गांव में डेंगू फैलने से रुक नहीं रहा। इसका मुख्य कारण गांव में फैली गंदगी है। तालाब में पानी सड़ रहा है। मच्छरों का भी प्रकोप है। -कमलेश
सरकारी आंकड़ों में भी शतक पार कर गया डेंगू
जिले में डेंगू अपना शतक पूरा कर गया है। सोमवार को डेंगू के चार नए मामले दर्ज किए गए। जिले में अब डेंगू के मामलों की कुल संख्या 115 पर पहुंच चुकी है।
नवंबर की शुरुआत से ही डेंगू का प्रकोप थमने के बजाय बढ़ता गया है। रोजाना औसतन चार मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार डेंगू संबंधित क्षेत्रों में 50 मीटर के दायरे में फॉगिंग और एंटीलार्वा दवा का छिड़काव कराने की बात करता आया है, लेकिन रोजाना सामने आ रहे आंकड़े कुछ और ही स्थिति बयां कर रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. योगेश सारस्वत ने बताया कि गांव-गांव फॉगिंग कराई जा रही है। 35 लोगों की एलाइजा जांच की गई। जांच रिपोर्ट में 17 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इससे पहले रविवार को 12 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए थे। इनमें एक मुरादाबाद के मूंढ़ापांडे का भी शामिल था। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी गिनती नहीं लगाई है।
गांव में इतने मरीज हैं, इस तरह की सूचना अभी नहीं मिली है। अगर एक भी व्यक्ति बीमार होगा तो गांव में टीम भेजकर मरीजों का इलाज कराया जाएगा। जानकारी कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। लोगों को गांव में ही दवा व जांच मुहैया कराई जाएगी। - रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
सिद्ध बरौलिया में फैली गंदगी। संवाद
सिद्ध बरौलिया में फैली गंदगी। संवाद
सिद्ध बरौलिया में फैली गंदगी। संवाद
सिद्ध बरौलिया में फैली गंदगी। संवाद
सिद्ध बरौलिया में फैली गंदगी। संवाद
सिद्ध बरौलिया में फैली गंदगी। संवाद