लक्ष्मीपुर व संग्रामपुर गांव में एक साल पहले मीट की दुकानें खुली, जिससे यहां के एक समुदाय में गुस्सा है। इन दुकानों को बंद कराने के लिए लक्ष्मीपुर गांव के बाशिंदे इससे पहले तहसील दिवस पर अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंप चुके हैं। इस पर भी तहसील प्रशासन द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया गया, जिस पर स्थानीयों का गुस्सा धरने में बदल गया। प्रदर्शनकारियों को आशंका है कि मीट की दुकानें खुलने से सांप्रदायिक माहौल और बिगड़ सकता है, क्योंकि इससे पहले भी सांप्रदायिक तनाव हो चुका है। प्रदर्शनकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि फूड इंस्पेक्टर ने लोगों की भावनाओं और नियमों को दरकिनार कर दुकानों का आवंटन कर दिया। धरना प्रदर्शन करने वालों में चोखेलाल, ताराचंद्र, ओमप्रकाश, धर्मपाल, राजाराम, वीरपाल, आदि शामिल हैं।