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Budaun News: शव रखकर प्रदर्शन, बोले-सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो

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​वजीरगंज के ​​धिमरपुरा में विलाप करते परिवार वाले। संवाद
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रेहड़िया (बदायूं)। धिमरपुरा गांव के रामानंद शर्मा की हत्या के मामले में उनके परिवार वालों ने बुधवार दोपहर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक परिवार वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। सूचना पर पहुंचे सीओ सुनील कुमार ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। आखिर में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने और एक महिला का नाम बढ़ाने का आश्वासन दिया। तब कहीं शाम को बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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मंगलवार शाम वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव धिमरपुरा में निवासी रामानंद शर्मा उर्फ कल्लू (62) की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई थी। परिवार वालों का कहना था कि रामानंद शर्मा का बेटा सचिन और आशीष अपनी जगह में सफाई कर रहे थे। उसी दौरान दूसरे पक्ष के वीरेश और उसके साथियों ने हमला कर दिया। घटना में रामानंद शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, सचिन, आशीष, रामानंद की पत्नी गुड्डो घायल हो गए।
थाना पुलिस ने मंगलवार रात सचिन की तहरीर पर आरोपी वीरेश, राजवीर, रूपेंद्र और बौरे के खिलाफ हत्या, मारपीट और गालीगलौज के आरोप में एफआईआर दर्ज कर राजवीर और वीरेश को हिरासत में ले लिया जबकि परिवार की एक महिला को पकड़कर छोड़ दिया।
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बुधवार दोपहर बुजुर्ग के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार वाले उनका शव लेकर दोपहर करीब दो बजे नौली गांव के रास्ते पर पहुंचे। वहीं सड़क पर शव को रख दिया और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ महिला को भी नामजद करने की मांग करने लगे। सूचना पर ब्राह्मण संगठन के कई पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
सूचना पर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह और बाद में सीओ सुनील कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों को शांत करने की कोशिश की लेकिन परिवार वाले अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब तीन घंटे तक बुजुर्ग का शव सड़क पर ही रखा रहा। बाद में पुलिस ने महिला का रिपोर्ट में नाम बढ़ाने और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। तब शाम को बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपी अभी जेल नहीं भेजे गए हैं।
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बीच-बचाव करने आए थे बुजुर्ग रामानंद शर्मा
बुजुर्ग रामानंद शर्मा झगड़ा करने नहीं आए थे। दरअसल उनके बेटे सफाई कर रहे थे। तभी आरोपी लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंच गए। ऐसे में वह दोनों बेटों को बचाने पहुंच गए। इसी दौरान आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया और उनकी पीटकर हत्या कर दी। रामानंद शर्मा खेतीबाड़ी करते थे। इसके साथ ही वह लोगों के घरों में अनुष्ठान भी कराते थे। उनके सात बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है।
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वजीरगंज के धिमरपुरा में विलाप करते परिवार वाले। संवाद

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