अधिवक्ता संशोधन अधिनियम का विरोध किया
प्रस्तावित प्रावधानों को लोकतंत्र के विरुद्ध बताया
केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय के प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल के विरोध में शुक्रवार को जिला और सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। प्रस्तावित संशोधन के विरोध में प्रदर्शन किया बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम पवन कुमार को सौंपा। इसकी प्रतिलिपि केंद्रीय विधि मंत्री को भी भेजी गई है।
जिला बार अध्यक्ष महीपाल ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों से जज या कोई भी न्यायिक पदाधिकारी अनुशासनहीनता के आधार पर अधिवक्ता का लाइसेंस निरस्त करने का अधिकारी हो जाएगा। प्रावधानों से अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता और स्वायत्ता समाप्त हो जाएगी। सचिव पवन गुप्ता ने कहा कि बार कौंसिल आफ इण्डिया के आहृवान पर आठ अप्रैल दिल्ली में सम्मेलन में आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम पवन कुमार को सौंपा।
सहसवान। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अधिवक्ता एक्ट में संशोधन करने के विरोध में अधिवक्तागण न्यायिक कार्यों से विरत रहे और केंद्रीय विधि मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। इस मौके पर श्याम सुंदर, आसिफ अली, उवैर्दुरहमान, राज कुमार सक्सेना, श्याम बाबू सक्सेना, महावीर सिंह यादव, मजाहिर अली, रविन्द्र नारायण आदि मौजूद रहे।